Varanasi में इन दिनों मौसम ने अजीब रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ही दिन में चार ऋतुओं का एहसास हो रहा है, जिससे लोग भी हैरान हैं और मौसम के जानकार भी। सुबह घना कोहरा और धुंध, दोपहर में तेज चुभती धूप, शाम को उमस भरी गर्मी और रात में हल्की ठंडक। ऐसा बदला हुआ मौसम (Varanasi) लोगों को उलझन में डाल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च के महीने में ऐसा नज़ारा बहुत कम देखने को मिलता है, हालांकि अनुकूल परिस्थितियों में यह संभव है।
तापमान ने तोड़ा पांच साल का रिकॉर्ड
मंगलवार को वाराणसी (Varanasi) में रात के तापमान ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 9.3 डिग्री ज्यादा बढ़कर 24.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले मार्च महीने में इतना अधिक रात का तापमान वर्ष 2021 में दर्ज किया गया था। अचानक बढ़े तापमान ने लोगों को गर्मी का एहसास कराना शुरू कर दिया है।
Varanasi: हवा में बढ़ा प्रदूषण
पिछले कुछ दिनों में शहर की हवा भी बिगड़ने लगी है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 104 तक पहुंच गया है, जिससे काशी की हवा करीब 40 दिन बाद यलो जोन में पहुंच गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण में वेंटिलेशन कम होने और नमी बढ़ने के कारण प्रदूषण का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। इस समय हवा में नमी करीब 88 फीसदी तक दर्ज की गई है।
एंटी साइक्लोन का असर
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पछुआ हवाएं फिलहाल बंद हो गई हैं और वातावरण में वेंटिलेशन घट गया है। इसके कारण दिन की गर्मी रात में बाहर नहीं निकल पा रही है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। वहीं पूर्वी भारत के झारखंड क्षेत्र के आसपास एंटी साइक्लोन जैसी स्थिति बनने से मौसम साफ हो रहा है और धूप तेज हो रही है।
धुंध और उमस की वजह नमी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण में नमी बढ़ने के कारण सुबह धुंध और कोहरा (Varanasi) बन रहा है। फिलहाल अगले चार से पांच दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से 15 मार्च के आसपास पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में इस सीजन की पहली बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बीएचयू में दर्ज हुई सबसे खराब हवा
शहर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर भी अलग-अलग दर्ज किया गया। बीएचयू (Varanasi) क्षेत्र में सबसे ज्यादा 143 एक्यूआई दर्ज हुआ, जबकि अर्दली बाजार में 124, मलदहिया में 81 और भेलूपुर में 68 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हवा का प्रवाह नहीं बढ़ा तो आने वाले दिनों में प्रदूषण और बढ़ सकता है।

