Varanasi: धार्मिक की नगरी काशी में लगातार श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और इसके धार्मिक महत्व को देखते ही हुए नगर निगम की सदन में एक निर्णय पारित हुआ कि अब शहर में मांस और मछली की दुकानें नहीं रहेगी। नगर निगम ने शहर के विभिन्न स्थानों पर खुली मुर्गा और मछली की दुकानों को वाराणसी के शहरी सीमा से बाहर करने का निर्णय लिया है।
वैसे तो कार्यकारिणी में यह निर्णय काफी पहले ही पास हो गया था लेकिन नगर निगम (Varanasi) की सदन की बैठक में यह शनिवार को पास किया गया। सबसे पहले प्रथम चरण में पांच स्थानों का चयन किया गया है। शहर की सीमा के निकट रामनगर क्षेत्र सुजाबाद, गणेशपुर, अमलेशपुर व शिवपुर क्षेत्र में शहर की मांस और मछली की दुकानों को शिफ्ट किया जाएगा।

Varanasi: मेयर ने बताई यह बात
इस निर्णय के बारे में मीडिया से बातचीत में वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि चिन्हित पांच स्थानों पर दुकानों को बनाया जाएगा और वहां सारी सुविधाओं को देते हुए दुकानदारों को इसे आवंटित किया जाएगा। शहर में जितनी दुकान हैं उतनी दुकान इन चिन्हित पांच स्थानों पर बना कर हम देने जा रहे हैं। महापौर ने कहा कि प्रतिदिन काशी में डेढ़ से 2 लाख श्रद्धालु , पर्यटक आते हैं ऐसे में शहर में मीट- मांस और मछली की दुकानें नहीं होनी चाहिए और आगामी 6 माह के अंदर इसे शहर से बाहर करने की पूरी कोशिश की जाएगी।

मेयर अशोक तिवारी ने आगे कहा कि वाराणसी शहर के अंदर जितनी भी मांस और मछली की दुकानें हैं सभी अवैध है और आगामी योजना के तहत सभी दुकानों को लीगल किया जाएगा। मांस और मछली की दुकानों को बेहतर सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। गंदगी कहीं ना रहे इसके लिए भी व्यवस्था की जाएगी। महापौर ने कहा कि शहर (Varanasi) में एक भी दुकानों का लाइसेंस नहीं है। हम लोग सर्वे करवा रहे हैं। सर्वे करवाने के बाद जितनी दुकानों की आवश्यकता होगी उतनी दुकान बनवा करके दुकानदारों को दी जाएगी।
वाराणसी (Varanasi) में मुर्गे की दुकान चलाने वाले शिराज ने कहा कि नगर निगम के इस नियम से सभी लोगों को बहुत दिक्कतें होंगी। शिराज ने कहा कि नगर निगम के इस नियम से 50 प्रतिशत से ज्यादा व्यापार प्रभावित होगा। दुकानदारी आधी हो जाएगी। पिछले 7- 8 सालों से नगर निगम लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कर रहा है और ना ही नए लाइसेंस बना रहा है। मेरी 25 से 30 साल पुरानी दुकान है और उसी समय का लाइसेंस है।

बता दें कि वाराणसी के टाउन हॉल भवन में हुई नगर निगम सदन की बैठक में महापौर अशोक कुमार तिवारी के अध्यक्षता में लिए गए इस निर्णय के साथ और एक कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और उसे लागू करने पर सहमति बनी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के साथ सदन (Varanasi) में सभी दल के पार्षद उपसभापति सभी मौजूद थे। बैठक के दौरान कई बार हंगामे की भी स्थिति बनी | पक्ष और विपक्ष मे जोरदार बहस व नोक झोंक भी हुई।

