Varanasi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय काशी प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को शिवपुर स्थित एक कम्पोजिट विद्यालय में पहुंचे। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने और हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री (Varanasi) ने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया और इस अभियान के लिए शिक्षा विभाग को शुभकामनाएं भी दी। वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। वहीं मौके पर मौजूद लोगों से अपील करते हुए इस अभियान’ को जनांदोलन बनाने की अपील किया।

इसी दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से बात की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया। इसके बाद मुख्य्मंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में काशी से स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की। साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ (Varanasi) ने मिड डे मिल में बने खाने को खुद बच्चों में परोस कर खिलाया उन्हें खिलाया।

Varanasi: 80 हजार करोड़ बेसिक शिक्षा पर व्यय
वहीं सीएम ने कहा कि शिक्षा केवल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है। यह मनुष्य को मनुष्य बनाने, उसे संस्कारी बनाने, समाज और राष्ट्र को गढ़ने का सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 80 हजार करोड़ से अधिक धनराशि बेसिक शिक्षा पर व्यय किया जा रहा है।

शहर शिक्षा के अलख घर-घर में जाने के लिए 1 से 15 अप्रैल तक शिक्षक स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत अपने अपने क्षेत्र के हर घर पर दस्तक दे। कोई भी बच्चा शिक्षा से कत्तई वंचित न रहने पाए। मुख्यमंत्री ने लोगो को सचेत करते हुए कहा कि जब बच्चा साक्षर होता है, तो समाज का विकास होगा, प्रदेश समृद्ध होगा, लेकिन जब बच्चे निरक्षर होगे, तो समाज निर्धन, प्रदेश बीमारू होगा। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक विद्यालय में बालक- बालिकाओं के लिये टॉयलेट की अलग-अलग, पेयजल की समुचित व्यवस्था है। विद्यालयों की व्यवस्था में अमूल-चूल परिवर्तन हुआ है।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले शिक्षा की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि पहले की सरकार के एजेंडे में न तो शिक्षा थी, न सामान्य या किसी बच्चे के बारे में चिंता रही, क्योंकि उनके लोग नकल कराते थे। नकल कराने के लिए उनके लिए आवश्यक थे कि विद्यालयों में पठन पाठन न हों, भले ही बच्चों के भविष्य पर इसका गलत असर पड़े। उनके कोई चिंता नहीं रहा, उनका काम चलता था। उन्होंने कहा कि काम चलाऊ व्यवस्था से समाज का उन्नयन नहीं होता है। राष्ट्र सशक्त नहीं होता है। समृद्ध की नई ऊंचाईयां है नहीं प्राप्त कर सकते।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक समानता लानी है, सामाजिक न्याय के लक्ष्य को सही मायने में जमीनी धरती पर उतरनी है तो हमको, सबको शिक्षित करना होगा। उन्होंने कहा कि ड्रॉप आउट रेट 19 से अब 3 फीसदी पर आ गया है। उन्होंने इसे जीरो किये जाने हेतु शिक्षकों से अपील की।

