वाराणसी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), काशी हिंदू विश्वविद्यालय इकाई द्वारा कृषि विज्ञान संस्थान के बाल गंगाधर तिलक छात्रावास में छात्र के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार एवं छात्रावास की विभिन्न समस्याओं को लेकर कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के उपरांत परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक महोदय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा तथा मामले में शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
ABVP ने आरोप लगाया कि छात्रावास के वार्डन सहायक आचार्य सैकत मांझी द्वारा एक छात्र के साथ अत्यंत अमानवीय एवं अभद्र व्यवहार किया गया। परिषद (ABVP)के अनुसार वार्डन रात्रि में कथित रूप से नशे की हालत में मुँह ढककर छात्र के कमरे में पहुंचे और छात्र का कॉलर पकड़कर उसके साथ दुर्व्यवहार किया। इतना ही नहीं, छात्र द्वारा कमरे में बनाया गया भोजन डस्टबिन में फेंक दिया गया तथा उसके बर्तन एवं कमरे को सीज कर कमरे में ताला लगा दिया गया। इस घटना के कारण छात्र को पूरी रात छात्रावास परिसर के ग्राउंड में सोने को मजबूर होना पड़ा।

ABVP, काशी हिंदू विश्वविद्यालय इकाई के इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि छात्रावास छात्रों के सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन के लिए होते हैं, न कि मानसिक प्रताड़ना और भय का केंद्र बनाने के लिए। किसी भी छात्र के साथ इस प्रकार का अमानवीय व्यवहार अत्यंत निंदनीय है। विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इकाई सहमंत्री ने बताया कि छात्रावास में लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की समस्या बनी हुई है। भीषण गर्मी के बावजूद छात्रों को पीने के पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तथा मेस व्यवस्था भी पूरी तरह अव्यवस्थित है। यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो परिषद आगे और व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी।
ABVP की प्रमुख मांगें निम्न हैं —
- बाल गंगाधर तिलक छात्रावास के दोषी वार्डन सहायक आचार्य सैकत मांझी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
- छात्र के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार एवं अमानवीय व्यवहार के मामले में निष्पक्ष जांच कर संबंधित वार्डन पर कठोर कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो सके।
- छात्रावास में मेस एवं कैंटीन का संचालन नियमित एवं सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जाए तथा भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
- छात्रावास के प्रथम एवं द्वितीय तल पर पीने के पानी एवं वॉटर कूलर की समुचित व्यवस्था तत्काल प्रभाव से की जाए, ताकि भीषण गर्मी में छात्रों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि छात्रहित एवं विश्वविद्यालय की गरिमा को ध्यान में रखते हुए मामले में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
