Iran War: अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गयी थी। जिसके बाद से पश्चिम एशिया में युद्ध जारी है। इसी बीच ईरान के नये सर्वोच्च नेता चुने गए मोजतबा खामेनेई के भी घायल होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, ईरान की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। वहीं एक नई रिपोर्ट में मोजतबा खामेनेई के ठिकाने का खुलासा किया गया और उनके गंभीर रूप से घायल होने का भी दावा किया गया है।

दरअसल, एक खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि मोजतबा खामेनेई वर्तमान में कोम शहर में इलाज करवा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक खामेनेई (Iran War) अचेत अवस्था में हैं और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इतनी गंभीर अवस्था में होने के कारण ही वो किसी भी निर्णय प्रक्रिया में हिस्सा लेने में असमर्थ हैं।
Iran War: सुप्रीम लीडर के ठिकाने का खुलासा
आपको बता दें कि ‘द टाइम्स यूके’ की रिपोर्ट्स में कहा गया कि यह खबर कूटनीतिक मेमो अमेरिकी और इस्राइली खुफिया एजेंसियों द्वारा खाड़ी सहयोगियों के साथ साझा की गई जानकारी पर आधारित है। इस रिपोर्ट में पहली बार सुप्रीम लीडर के ठिकाने का खुलासा किया गया। पश्चिम एशिया में संघर्ष छिड़ने के बाद से मोजतबा खामेनेई (Iran War) ने कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है। उनके द्वारा जारी सभी संदेशों का प्रसारण ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा किया जा रहा है। मोजतबा (Iran War) के सामने न आने और संदेशों के केवल सरकारी प्रसारण तक सीमित रहने से उनके गंभीर रूप से घायल होने की अफवाहों को पुख्ता कर दिया है।
मोजतबा की सेहत पर उठे सवालों को किया खारिज
ईरानी अधिकारियों ने हाल ही में जारी बयानों में नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज किया है और उन्हें पूरी तरह “स्वस्थ” बताया है। इसके बावजूद कई अमेरिकी रिपोर्टों में खामेनेई की सेहत पर सवाल खड़े किए हैं। किसी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा कोमा में हैं और उनका इलाज किया जा रहा है। वहीं, ‘द सन’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि हमलों में खामेनेई ने एक हाथ और एक पैर खो दिया है।
आपको बता दें कि यह खबर उस वक्त सामने आयी है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को समझौता करने का अल्टीमेटम है। जिसकी समय सीमा मंगलवार रात आठ बजे (ईस्टर्न टाइम) तक है। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि इस समय सीमा के बाद ईरान में कोई पुल और कोई बिजली संयंत्र नहीं बचेंगे।
वहीं ट्रम्प ने स्वीकार किया कि युद्ध के शुरुआत में ईरान (Iran War) बहुत शक्तिशाली स्थिति में था, लेकिन अब अमेरिका ने उसका सर को काट दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि ये कदम 47 साल पहले ही उठाए जाने चाहिए थे।

