Varanasi: चौबेपुर क्षेत्र के बभनपुरा गांव के पास गंगा नदी पर बने रिंग रोड-3 पुल पर 7 अप्रैल की रात से भरी वाहनों का आवागमन अनिश्चितकाल के लिए होगा बंद। विभाग की ओर से पुल के एक छोर पर बैरियर लगाकर भारी वाहनों की एंट्री रोक दी गई है, जिससे अब केवल छोटे वाहन ही गुजर रहे हैं। लगातार हादसों के चलते प्रशासन ने ये फैसला लिया है। यह पुल पूर्वांचल के कई जिलों को जोड़ने वाला अहम मार्ग है। इसके जरिए आजमगढ़ मऊ वाराणसी (Varanasi), चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और भदोही जुड़े हुए हैं। इसके बंद होने के बाद से आजमगढ़ मऊ बलिया गाज़ीपुर के ट्रको और बसों को अब गाज़ीपुर गहमर बक्सर होते हुये ही बिहार जा पाएंगे।

Varanasi: जून से शुरू हुआ था आवागमन
आपको बता दें कि यह मार्ग उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार और झारखंड जैसे राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान करता है। इस पुल की लम्बाई करीब दो किलोमीटर है। इसे 1 जून 2025 को यातायात के लिए खोल दिया गया था, जो संदहा (Varanasi) को रेवसा (चंदौली) से जोड़ता है। शुरुआत में केवल छोटे वाहनों को ही अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में भारी वाहन भी इस मार्ग से गुजरने लगे थे।

कार्यदाई संस्था के अधिशासी अभियंता आर आर मिश्रा के अनुसार, जिला प्रशासन के अनुरोध पर यह निर्णय लिया गया है। पुल पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए एक लेन को भारी वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
वही सूत्रों के जरिये बताया जा रहा है कि जब तक पुल की दूसरी लेन का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। एहतियातन एनएचआई की ओर से संदहां चौराहे और गंगा पुल के पास दिशा-निर्देश वाले बोर्ड भी लगाए गए हैं, ताकि वाहन चालकों (Varanasi) को पहले से जानकारी मिल सके।
हांलाकि भारी वाहनों पर रोक लगने से ट्रक चालकों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें अब लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और डीजल दोनों की खपत बढ़ रही है। कई चालकों ने बताया कि समय पर माल पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।




