Mathura: जिले के वृंदावन के केसी घाट से एक दिल दहला देने वाली सामने आयी है। श्रद्धालुओं से भरी एक मोटरबोट केसीघाट और बंशीवट के बीच बने पांटून पुल से टकरा गयी। टक्कर इतनी तेज थी कि नाव में सवार सभी लोग एक तरफ हो गये। जिसके चलते नाव पलट गयी। इस हादसे में छह महिल समेत 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और राहत बचाव कार्य में जुट गयी।

क्या है पूरा मामला
दरअसल, यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के तहत पांटून पुल को हटाया जा रहा है। इस करवाई के दौरान कार्यस्थल पर किसी भी तरह के सुरक्षा के प्रबंध नहीं किये गये थे। क्षेत्र को प्रतिबंधित किए ही बगैर ही बुलडोजर द्वारा पीपों को खींचकर हटाया जा रहा था। इसी बीच शुक्रवार की दोपहर करीब 2:30 बजे पंजाब के तीन जिलों से आए 37 श्रद्धालु श्रृंगार घाट (Mathura) पर पहुँच मोटरबोट में सवार हुए। वहीं यमुना में नाविक (Mathura) जब बोट को दौड़ाने लगा तो लोग डर के घबराने लगे। वहीं कुछ लोगों ने चालक से मोटरबोट की स्पीड कम करने को कहा, लेकिन ‘हम लोगों का रोज का काम है’ यह बोलकर उसने सबकी बात को टाल दिया।

इसी बीच वह मोटर को पांटूल पुल के पास ले गया। जिस जगह पर रिवर फ्रंट के कार्य के चलते पांटून पुल को हटाया जा रहा था और उस जगह यमुना (Mathura) में पानी भी कम था। जिसके कारण मोटरबोट वहां आकर रुक गई, लेकिन चालक ने स्पीड को और तेज किया। हांलाकि तेज रफ्तार के कारण मोटरबोट कई बार अनियंत्रित होने लगी। जिसके बाद लोगों ने चालक को वापस चलने के लिए कहा, लेकिन वह अपनी ही धुन में तेज रफ्तार से आगे बढ़ता गया।
तेज गति से मोटरबोट बढ़ी और हवा के झोंके से अचानक ही पांटून पुल से टकरा गयी। पुल की टक्कर लगते ही बोट अनियंत्रित होने लगी। जोरदार टक्कर के कारण बोट में सवार लोग एक तरफ हो गए। एकतरफा वजन होने के कारण मोटरबोट नदी में पलट गई। हादसे के तुरंत बाद ही कुछ लोग अपनी मोटरबोट लेकर भी आए, लेकिन जब तक वो लोग आए तब तक लोग डूबने लगे। हांलाकि स्थानीय गोताखोरों और पीएसी ने तत्परता दिखाते हुए 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि लापता लोगों की तलाश में सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
Mathura: चालक की जिद से गयी जान
हांलाकि लोगों का कहना है कि बोट चालक की जिद और यमुना (Mathura) रिवर फ्रंट परियोजना के अधिकारीयों की लापरवाही के चलते यह भयावह हादसा हुआ। जिसके बाद पुल हटाने वाली टीम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुँच डूबे श्रद्धालुओं की तलाश जुट गए। साथ ही तलाश के लिए ड्रोन कैमरों की मदद भी ली गई, ताकि किसी तरह से कोई श्रद्धालु नजर आए तो उसे रिकवर किया जा सके। जाँच देर रात तक जारी रही। हांलाकि नाविक पप्पू का भी कोई पता नहीं चल सका है। हांलाकि पुलिस मृतकों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें मामले की सुचना देने की कोशिश में लगी है।




