Varanasi: प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने देशभर में नई पहचान बनाई है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री डॉ. ए.के. शर्मा ने बताया कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए खुद को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित कर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा और प्रोत्साहन से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है, जिसका सकारात्मक परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है।
वाराणसी (Varanasi) स्थित सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता और समीक्षा बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने बताया कि भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा घोषित पुरस्कारों में उत्तर प्रदेश ने चार में से तीन प्रमुख श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार, संबंधित विभागों, बैंकरों, वेंडर्स और अन्य हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
Varanasi: सौर ऊर्जा के क्षेत्र में यूपी ने रचा नया कीर्तिमान
उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के सफल संचालन के कारण उत्तर प्रदेश न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में आगे बढ़ा है, बल्कि लाखों परिवारों को आर्थिक राहत पहुंचाने में भी सफल रहा है। योजना के तहत घरों की छतों पर लगाए जा रहे सोलर पैनलों से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही अतिरिक्त बिजली उत्पादन के माध्यम से लोगों को अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिल रहा है।
समीक्षा बैठक में वाराणसी (Varanasi) में योजना की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि वर्तमान में वाराणसी इस योजना के क्रियान्वयन के मामले में देश में 11वें स्थान पर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शहर को शीर्ष स्थान तक पहुंचाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में वाराणसी बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश में प्रथम स्थान हासिल कर सकता है।
बैठक में सौर ऊर्जा क्षेत्र के माध्यम से रोजगार (Varanasi) सृजन की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने हनुमंत रिन्यूएबल्स द्वारा संचालित “सोलर दीदी” और “सोलर सखी” पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। कंपनी द्वारा महिलाओं को 14 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा यूपी नेडा और डूडा द्वारा प्रत्येक सोलर इंस्टॉलेशन पर सोलर दीदियों को एक हजार रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की गई है। मंत्री ने कहा कि इस तरह की पहलें महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी।
महिलाओं को भी मिल रहे रोजगार के अवसर
बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर बोलते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों (Varanasi) में प्रतिदिन 20 से 21 घंटे तथा शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि आंधी, बारिश और तूफान जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण कभी-कभी तार टूटने अथवा अन्य तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं, लेकिन विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य करती हैं और बिजली आपूर्ति बहाल करती हैं।
कार्यक्रम के दौरान सौर ऊर्जा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मियों, एजेंसियों और संस्थानों को प्रशस्ति पत्र (Varanasi) प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। ऊर्जा मंत्री ने सभी सम्मानित व्यक्तियों को बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयास प्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

