Varanasi: रोहनिया थाना क्षेत्र में रविवार देर रात पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने 8 जून को अवलेशपुर में हुए चर्चित किराना कारोबारी जितेंद्र कुमार हत्याकांड का बड़ा खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोलू पटेल उर्फ माफिया और ज्ञान पटेल के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
एडीसीपी वरुणा लिपि नागायत ने बताया कि रविवार देर रात रोहनिया पुलिस और एसओजी की टीम अवलेशपुर क्षेत्र में वांछित आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। जैसे ही बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम (Varanasi) पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
Varanasi: 8 जून को दिनदहाड़े हुई थी हत्या
गौरतलब है कि 8 जून की रात बाइक सवार बदमाशों ने अवलेशपुर निवासी किराना कारोबारी जितेंद्र कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस (Varanasi) ने मामले के खुलासे के लिए एसओजी समेत कई टीमों का गठन किया था।
80 लाख की रकम के विवाद में रचा गया था हत्या का षड्यंत्र
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे जमीन की खरीद और बिक्री (Varanasi) से जुड़ा आर्थिक विवाद था। एडीसीपी के मुताबिक, जितेंद्र कुमार ने करीब 80 लाख रुपये में एक जमीन बेची थी, इसी रकम के बंटवारे को लेकर उनके भाइयों और करीबी लोगों के बीच विवाद चल रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जितेंद्र के बैंक खाते में जमा रकम पर कब्जा करना चाहते थे। इसको लेकर पहले भी एक बार दोनों पक्षों के(Varanasi) बीच कहासुनी हुई थी, लेकिन जितेंद्र ने पैसे देने से इनकार कर दिया था। इसी आर्थिक रंजिश में रची गयी थी इस हत्या की रूपरेखा।
सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ (Varanasi) में घायल दो आरोपियों के अलावा तीन अन्य संदिग्धों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी मिर्जापुर के अहरौरा क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

