Varanasi: सावन की हरियाली, तीज का उल्लास और महिलाओं की रचनात्मकता का संगम शनिवार को महमूरगंज स्थित शुभम बैंक्वेट हॉल में देखने को मिला। महिला मंडल काशी की ओर से आयोजित 51वें वार्षिक श्रावणी तीज मेले में न केवल खरीदारी और पारंपरिक उत्सव का रंग बिखरा, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और समाजसेवा का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया। देश के विभिन्न शहरों से आईं महिला उद्यमियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया, जबकि मेले से प्राप्त आय को चैरिटी और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित करने का संकल्प संस्था की सामाजिक सोच को भी दर्शाता रहा।

महिला मंडल काशी (Varanasi) ने इस वर्ष श्रावणी तीज मेले को अपनी 51 वर्षों की सामाजिक, सांस्कृतिक और सेवाभावी यात्रा के प्रतीक के रूप में आयोजित किया। मेले का शुभारंभ महिला मंडल की पदाधिकारियों व सदस्यों के द्वारा गणेश जी के प्रतिमा पर माल्यापर्ण और दीप प्रज्वलित और श्री राम स्तुति का गायन करके किया गया। इसके बाद मेले में आने वाले सभी लोगों ने टिकेट काउंटर से एंट्री टिकेट लेकर इसका लुफ्त उठाया। सबसे ख़ास बात जो इस श्रावणी तीज मेले को बेहद अलग बनाती है कि इस मेले से जो भी फंड्स आते हैं, वह सभी अमाउंट चैरिटी के लिए दे दिए जाते हैं।

देशभर के उत्पादों से सजे स्टॉल
मेले में लगे कुल 75 स्टॉल्स पर ज्वेलरी, हैंडमेड क्राफ्ट, विशेष टीम पर आधारित प्लांट्स, डिजाइनर कपड़े, राखियाँ, फुटवियर, हैंडबैग और डेकोरेटिव आइटम्स ने हर वर्ग के लोगों (Varanasi) को आकर्षित किया। बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई हैंडमेड फ्रॉक्स, पार्टी वियर ड्रेसेज और कलात्मक पेंटिंग्स की रेंज भी दर्शकों की पसंद बनी रही। वहीं चॉकलेट्स, केक, कुकीस, प्रेस्ट्री जैसे उत्पादों ने भी खरीदारों का ध्यान खींचा।

Varanasi: चैरिटी के लिए समर्पित है मेले की आय
महिला मंडल काशी की उपाध्यक्ष प्रिया समेर ने बताया कि मेले से मिलने वाली प्रवेश शुल्क की पूरी राशि समाजसेवा के कार्यों में खर्च की जाती है। इस धनराशि (Varanasi) का उपयोग जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा और अन्य सामाजिक कार्यों के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष वाराणसी के अलावा दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज, कोलकाता और जयपुर सहित कई शहरों से महिला उद्यमियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं।


संस्था की अध्यक्ष ने कहा कि श्रावणी तीज मेला केवल व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि उन महिलाओं के लिए एक मंच है जो घर से छोटे स्तर पर काम करती हैं और अपने हुनर को पहचान दिलाना चाहती हैं। संस्था का उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है।

देशभर से पहुंचीं महिला उद्यमी
मेले से जुडी समस्त जानकारी देते हुए महिला मंडल काशी की सेकेट्ररी पल्लवी अग्रवाल ने बताया कि लगभग 50 सालों ये मेला (Varanasi) लगता आ रहा है और इसका उद्देश्य महिलाओं को आगे बढ़ाना और आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि इस मेले में काशी के अवाला और भी शहरों से लोग आज यहाँ स्टॉल लगाने के लिए पहुंचे हैं, जिसमें दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद, कोलकाता और जयपुर आदि शामिल हैं। इसमें कुल 75 स्टॉल अलग-अलग आकर्षित चीजों के और 6 अन्य स्टॉल है जो खाने-पीने से संबंधित है।


वहीं महिला मंडल काशी (Varanasi) की संरक्षिका अवंतिका गुप्त ने कहा कि महिलाओं की कला को एक मंच प्रदान करते हुए उन्हें एक पहचान दिलाना भी इसका उद्देश्य है। एक समय था जब घर से लड़कियों व महिलाओं को बाहर नहीं निकलने दिया जाता था, लेकिन आज वह समय है जब महिलाएं अपने कलाओं का प्रदर्शन करते हुए अपने करिअर में एक अच्छा मुकाम हासिल कर रही है।


स्टॉलों पर दिखा हुनर और आत्मनिर्भरता का उत्सव
जर्मन सिल्वर और गिफ्टिंग प्रोडक्ट्स के साथ मेले की शोभा बढ़ा रही मानसी लालवानी ने बताया कि जर्मन सिल्वर से सभी आइटम्स मैंने आज यहाँ अपने स्टॉल पर लगाया है। मेरे प्रोडक्ट्स की खासियत है कि लोग आए दिन यह शिकायत करते हैं कि जर्मन सिल्वर के उत्पाद काले पड़ जाते हैं लेकिन मेरा कोई भी आइटम सालो-साल रखने के बाद भी काला नहीं पड़ता है।


मेले में फेब्रिक की विशेष आइटम्स को लेकर आई महिला उद्यमी ने बताया कि मैंने आज यहाँ अपने स्टॉल में पूरे इंडिया के अलग-अलग शहरों के प्रसिद्द सूट के फेब्रिक्स को लगाया है। जो हैण्डवर्क के साथ-साथ प्रिंटेड और है। यह लोगों को बहुत पसंद आ रहे हैं और मैं यहाँ कई बार स्टॉल लगा चुकी हूं तो मुझे बहुत ख़ुशी है कि ऐसा मौका मुझे महिला मंडल (Varanasi) की ओर से मिलता रहता है।

रक्षाबंधन को देखते हुए भी कई स्टॉल्स (Varanasi) इस मेले में लगाये गए थे, इसी में एक स्टॉल श्रीजी क्रिएशन की वैशाली ने लगाया। उन्होंने बताया कि मेरे स्टॉल में ख़ास यह है कि सभी राखियाँ हैण्डमेड हैं। हमारे पास सिल्वर क्व़ाइन्स की भी राखियाँ है, जिन्हें आप बाद में उपयोग में भी ला सकते हैं। इसके आलावा मेरे स्टॉल (Varanasi) में कुछ डेकोर के भी आइटम्स जैसे बंधनवार, तोरण आदि भी उपलब्ध हैं और सब कुछ हैण्डमेड है।


विशेष थीम पर आधारित प्लांट्स ने सभी को लुभाया
मेले (Varanasi) में विशेष थीम पर आधारित और अपने प्लांट्स से सभी का ध्यान अपने स्टॉल पर खींचने वाली शशि बाला शाह ने बताया कि मुझे इस मेले में अपना स्टॉल लगाकर बेहद ख़ुशी मिल रही है। मेरे स्टॉल की ख़ास बात यह है कि यहाँ एक विशेष थीम जैसे बर्थडे और लाइफ से जुड़े कोई भी इवेंट व मोमेंट को मैं अपने प्लांट में क्रिएट करती हूं। ये सभी प्लांट रियल है और काफी लंबे टाइम तक चलते हैं।


कश्मीरी चूड़ियों और इयररिंग्स के डिमांड्स को देखते हुए भी एक स्टॉल निधि ने भी लगाया। उन्होंने बताया कि हमारे इस स्टॉल पर कश्मीरी इयररिंग्स के साथ-साथ घड़ी और राजवाडी ब्रेसलेट उपलब्ध है। सबसे ख़ास बात यह है कि हम इन सभी आइटम के बारीकियों को ध्यान में रखते हुए अपने हाथों से बनाते हैं। हमारे प्रोडक्ट्स लोगों को बहुत आकर्षित कर रहे हैं।

ज्वेलरी, होम डेकोर और हैंडमेड क्राफ्ट बने आकर्षण का केंद्र
मेले में पटना से स्टॉल लगाने के लिए वाराणसी आई इंदु अग्रवाल ने बताया कि मैं सिक्की ग्रास के आर्ट को प्रमोट कर रही हूं। इसको नेचुरल और कलर करके दोनों तरीके से बनाया गया है। मेरे लिए बहुत ख़ुशी की बात कि मुझे इस मेले में स्टॉल लगाने का अवसर मिला। लोग मेरे प्रोडक्ट को बहुत पसंद कर रहे हैं।

रेजिन और लिपिन आर्ट्स जो आज के समय में बहुत ही ज्यादा ट्रेंड में हैं। एक ऐसा ही स्टॉल (Varanasi) इस तीज मेले सूचि अग्रवाल ने लगाया। उन्होंने बताया कि आज के समय के पसंद और ट्रेंड को देखते मैंने रेजिन-लिपिन आर्ट्स के प्रोडक्ट्स बनाए हैं। इसमें कई तरह के बंधनवार और झरोकें शामिल है। जो लोगों के घरों की खूबसूरती में चार-चाँद लगाते हैं।

बता दें कि सावन के महीने में पिछले 51 वर्षों से लगाये जा रहे इस मेले (Varanasi) में पहले सिर्फ साड़ियों के स्टाल्स लगाये जाते थे, लेकिन धीरे धीरे लोगों की डिमांड्स और पसंद को देखते हुए यहाँ अब डेकोरेशन के आइटम्स, अन्य वस्त्र और आभूषण आदि विभिन्न स्टाल्स लगाये जाने लगे।

पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
इतना ही नहीं, पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस मेले में प्लास्टिक बैन किया गया है। कार्यक्रम (Varanasi) सयोजिका बेला अग्रवाल, मालिनी चौधरी, श्वेता शाह और सीमा अग्रवाल रहीं। वहीं अध्यक्ष सेकेट्ररी पल्लवी अग्रवाल और उनकी टीम के संयुक्त प्रयास से यह मेला सफल रहा।
‘हमें फंसाया गया है’…गिरफ्तार महिलाओं ने पुलिस पर लगाया आरोप
मेले (Varanasi) में महिला मंडल की पूर्व अध्यक्षाएं मृदुला रानी, वीणा गुप्त, अवंतिका गुप्त, डॉ रूबी शाह, अलका देवा, प्रेमा अग्रवाल, मंजू अग्रवाल के साथ शहर की अनेक प्रतिष्ठित महिलाएं, समाजसेवी, शिक्षिकाएं, युवा उद्यमी व साहित्यप्रेमी उपस्थित रहीं।
