Varanasi: बुधवार को हुई झमाझम बारिश ने एक बार फिर वाराणसी की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी। कमिश्नरी परिसर से लेकर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सिंहद्वार और सर सुंदरलाल चिकित्सालय तक सड़कें पानी से लबालब नजर आईं। प्रशासनिक कार्यालयों में आने वाले लोगों से लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों तक को जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ा।

कमिश्नरी परिसर में ऑडिटोरियम के सामने भरा पानी
लगातार बारिश के बाद वाराणसी कमिश्नरी परिसर स्थित ऑडिटोरियम (Varanasi) के सामने भारी जलभराव हो गया। सड़क और खुले परिसर में पानी जमा होने से पूरा इलाका तालाब जैसा दिखाई देने लगा। कुछ देर के लिए ऐसा दृश्य बना मानो सरकारी परिसर के भीतर ही ‘वाटर पार्क’ बन गया हो। अधिकारियों, कर्मचारियों और अपने काम से कमिश्नरी पहुंचे लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जिससे उन्हें काफी असुविधा हुई।

यह पहला मौका नहीं है जब किसी महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में जलभराव की स्थिति बनी हो। इससे पहले भी जिला मुख्यालय समेत शहर के कई सरकारी परिसरों में बारिश के दौरान पानी भरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में कमिश्नरी जैसे प्रशासनिक केंद्र में जलभराव ने ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीएचयू और सर सुंदरलाल अस्पताल के बाहर भी जलभराव
बारिश का असर काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में भी दिखाई दिया। बीएचयू सिंहद्वार (Varanasi) से लेकर सर सुंदरलाल चिकित्सालय तक जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह पानी भर गया। अस्पताल परिसर और आसपास के रास्तों पर जलभराव होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को घुटने तक पानी में चलकर अस्पताल पहुंचना पड़ा।

इलाज के लिए दूर-दराज से आए लोगों ने बताया कि अस्पताल पहुंचना पहले ही चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन बारिश के दौरान जलभराव के कारण उनकी परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। बुजुर्ग मरीजों, बच्चों और व्हीलचेयर पर आने वाले मरीजों (Varanasi) को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पानी में बंद हुए दोपहिया वाहन
जलभराव का असर वाहन चालकों पर भी देखने को मिला। कई स्थानों पर पानी अधिक होने के कारण दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। वाहन चालकों को अपने वाहन धक्का देकर बाहर निकालने पड़े। वहीं पैदल चलने वालों को भी पानी के बीच काफी सावधानी से गुजरना पड़ा।

हर मानसून में दोहराई जाती है समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि कमिश्नरी परिसर और बीएचयू अस्पताल (Varanasi) के आसपास जलभराव की समस्या नई नहीं है। हर मानसून में तेज बारिश के बाद यही स्थिति बन जाती है। बारिश रुकने के कुछ समय बाद पानी उतर जाता है, लेकिन अगली बारिश के साथ समस्या फिर सामने आ जाती है। लोगों का कहना है कि नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की नियमित सफाई के साथ स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है।

जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
वाराणसी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। इसके बावजूद प्रमुख प्रशासनिक और स्वास्थ्य संस्थानों के बाहर जलभराव होना शहर (Varanasi) की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यदि बारिश से पहले नालियों की समय पर सफाई और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाए तो ऐसी स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है।

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कमिश्नरी परिसर और बीएचयू अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर जलभराव (Varanasi) की तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों ने संबंधित विभागों से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि मरीजों, तीमारदारों, अधिकारियों और आम नागरिकों की सुविधा को देखते हुए जलनिकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाना समय की जरूरत है।
