Varanasi: कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर साड़ी कारोबारी सुनील गुजराती की चाइनीज मांझे से हुई मौत के दूसरे दिन सोमवार को समाजवादी पार्टी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सपा युवजन सभा के प्रदेश महासचिव और वाराणसी शहर दक्षिणी के पूर्व प्रत्याशी किशन दीक्षित के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एडीएम ने ज्ञापन लिया।
ज्ञापन में किशन दीक्षित (Varanasi) ने कहा कि प्रदेश में चाइनीज कातिल मांझे की बिक्री पर पूर्ण रोक है और सरकार का फरमान है कि इससे मौत होने पर हत्या का मुकदमा दर्ज होगा, इसके बावजूद 20 घंटे के भीतर गोरखपुर और वाराणसी में दो मौतें हो गईं। यह प्रशासन की घोर लापरवाही है। उन्होंने मांग की कि कातिल मांझा बेचने और इस्तेमाल करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।
किशन दीक्षित ने अधिकारी को बताया कि पिछले साल भी उन्होंने दो हफ्ते तक चाइनीज मांझे के खिलाफ आंदोलन और जागरूकता अभियान (Varanasi) चलाया था, तब प्रशासन ने रोक का आश्वासन दिया था, लेकिन वह आश्वासन कोरा झूठा साबित हुआ। जिसका परिणाम आज सुनील गुजराती की मौत है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन इस बार भी कातिल मांझे पर रोक लगाने में नाकाम रहा तो समाजवादी पार्टी (Varanasi) सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। काशी में अब किसी और के घर का चिराग नहीं बुझने देंगे। यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे वाराणसी की सुरक्षा की लड़ाई है।
Varanasi: अधिकारी ने कहा – युद्ध स्तर पर चलेगा अभियान
इस पर एडीएम ने कहा कि घटना अत्यंत पीड़ादायक है। इसको लेकर युद्ध स्तर पर अभियान चलाने के साथ ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
ये भी पढ़ें:- महिला सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा, पुतला दहन की कोशिश हुई नाकाम
इस दौरान (Varanasi) किशन दीक्षित के साथ दिलीप कश्यप, संदीप मिश्रा, रविकांत विश्वकर्मा, राहुल गुप्ता, शुभम सिंह समेत कई समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

