Sonbhadra: रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के उरमौरा स्थित बनारस पाली हॉस्पिटल में पथरी के ऑपरेशन के बाद रुकमणी की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। जांच के क्रम में अस्पताल प्रबंधन को एक अक्टूबर को दोपहर एक बजे कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया गया है।
सीएमओ कार्यालय से 30 सितंबर को जारी आदेश में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गुलाब शंकर, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद बिंद, एनेस्थेटिस्ट डॉ. राजेश कुमार सिंह और सर्जन डॉ. अरविंद को जांच समिति में शामिल किया गया है। समिति को पूरे प्रकरण की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बताया गया कि रुकमणी को पथरी के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर उसे वाराणसी रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। इस मामले (Sonbhadra) में परिजन पुलिस को तहरीर दे चुके हैं।
Sonbhadra: मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल
सदर कोतवाल धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग की जांच और अस्पताल प्रबंधन के बयान के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो गई है। इस घटना (Sonbhadra) के बाद निजी अस्पतालों की निगरानी और मरीजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर तब, जब इस अस्पताल में पूर्व में भी इलाज के दौरान मौतों को लेकर शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है।
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हालांकि पूर्व की घटनाओं और इस मामले में किसी चिकित्सकीय (Sonbhadra) लापरवाही की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अस्पताल प्रबंधन के बयान और जांच समिति की रिपोर्ट में क्या सामने आता है? स्वास्थ्य विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी।

