Varanasi: गंगा के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के राजघाट स्थित माप केंद्र के अनुसार मंगलवार 29 सितंबर को सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 68.19 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाट किनारे रहने वाले लोगों और नाविकों में सतर्कता बढ़ गई है।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार राजघाट पर गंगा का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर निर्धारित है। वहीं गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर 73.901 मीटर है। मंगलवार सुबह दर्ज जलस्तर (Varanasi) चेतावनी बिंदु से करीब 2.07 मीटर नीचे है। हालांकि जलस्तर बढ़ने की गति लगातार बनी रहने पर घाटों और निचले इलाकों में इसका असर बढ़ सकता है।
Varanasi: नाविकों की फिर से बढ़ी चिंता
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण घाटों की सीढ़ियों पर पानी धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ रहा है। इससे स्नान, तर्पण और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए घाटों (Varanasi) पर पहुंचने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। घाटों पर मौजूद नाविक भी जलस्तर और धारा की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

पिछले दिनों गंगा का जलस्तर लगातार घटने के बाद अब फिर से बढ़ोतरी का रुख सामने आया है। जलस्तर बढ़ने से घाटों पर जमा सिल्ट और कीचड़ के कारण भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई घाटों पर बाढ़ के बाद जमी गाद को हटाने का काम भी प्रभावित होने की आशंका है।
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केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल गंगा का जलस्तर (Varanasi) खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन बढ़ोतरी की प्रवृत्ति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी जरूरी है। घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भी पानी के बढ़ते स्तर तथा तेज धारा को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

