Varanasi: हनुमान भक्तों के प्रमुख आस्था केंद्र संकट मोचन मंदिर में इस वर्ष 103 वां संकट मोचन संगीत समारोह 6 अप्रैल से 11 अप्रैल तक मंदिर प्रांगण में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस बार समारोह की खास बात यह है कि पहली बार 14 मुस्लिम कलाकार भी हनुमान जी की स्तुति में शास्त्रीय संगीत और कला की प्रस्तुतियां देंगे।
समारोह में 11 पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे. जिनमें से कई कलाकार पहली बार महावीर के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। कुल मिलाकर 45 मुख्य कलाकारों सहित 150 से अधिक कलाकार इस प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन में भाग लेंगे। मंदिर के महंत प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्र ने कहा कि संकट मोचन मंदिर (Varanasi) सदैव से सभी धर्मों और विचारों के लोगों के लिए खुला रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि एक ऐसा मंदिर (Varanasi) जरूर रहने दिया जाए, जहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग बिना भेदभाव के आ सकें और भक्ति में सहभागी बन सकें।
2 से 5 अप्रैल तक रामायण सम्मेलन
हनुमान जयंती के अवसर पर 2 अप्रैल से 5 अप्रैल तक मंदिर परिसर में भव्य रामायण सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों से प्रसिद्ध रामायण मंडलियां और मानस वक्ता शामिल होंगे। अधिवेशन में विख्यात संत सीताराम महाराज सभापति के आसन को सुशोभित करेंगे और श्रद्धालुओं को रामकथा का संदेश देंगे।
कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा
- 2 अप्रैल: पूजन-आरती और अखंड रामायण गान
सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे तक श्री हनुमान जी की पूजन-आरती और भव्य झांकी निकाली जाएगी।
सुबह 9:00 बजे से श्री रामायण जी की पूजन-आरती और मानस का एकाह पाठ होगा।
शाम को भजन-कीर्तन और रामायण मंडलियों द्वारा पूरी रात अखंड गान किया जाएगा।
- 3 से 5 अप्रैल: श्रीरामचरितमानस पर प्रवचन
प्रतिदिन शाम 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक केवल श्रीरामचरितमानस पर प्रवचन आयोजित किया जाएगा, जिसमें संत और विद्वान श्रद्धालुओं को रामचरितमानस के आध्यात्मिक संदेशों से अवगत कराएंगे।
Varanasi: संगीत और भक्ति का अद्भुत संगम
संकट मोचन (Varanasi) संगीत समारोह देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है, जहां शास्त्रीय संगीत, भक्ति और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संगीत प्रेमी और कलाकार इस आयोजन में शामिल होकर भक्ति और संगीत का आनंद लेंगे महंत प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्र ने सभी रामभक्तों और मानस प्रेमियों से अपील की है कि वे इस पावन उत्सव में सक्रिय रूप से भाग लेकर पुण्य और यश के भागीदार बनें।

