Varanasi: गंगा की पवित्र धारा पर एक बार फिर ऐसा दृश्य सामने आया जिसने आस्था और मर्यादा दोनों को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। बजड़े पर सवार युवकों (Varanasi) के बीयर पीते हुए वीडियो ने जैसे ही सोशल मीडिया पर आग पकड़ी, पुलिस हरकत में आ गई। कार्रवाई इतनी तेज हुई कि मंगलवार की सुबह ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इस घटना ने यह सवाल जरूर छोड़ दिया कि आखिर आस्था के नाम पर चल रही परंपराओं में यह बेशर्मी कैसे घुसपैठ कर रही है।

Varanasi: पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
डीसीपी काशी गौरव बंसवाल और एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार की निगरानी में पुलिस ने वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए युवक की पहचान की और अस्सी घाट (Varanasi) इलाके से उसे दबोच लिया। पकड़ा गया युवक अर्जुन राजभर, जिसकी उम्र 25 वर्ष बताई जा रही है, नगवां का रहने वाला है और नाव डेकोरेटर का काम करता है। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ अस्सी से मिर्जापुर की ओर निकला था और देर रात अदलहाट पहुंच गया था। पुलिस की यह तत्परता इस बात का संकेत है कि प्रशासन अब ऐसे मामलों को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है।
Varanasi: नाविक समाज भी नाराज
इस पूरे मामले की चिंगारी तब भड़की जब नाविक प्रेम साहनी ने इसकी शिकायत भेलूपुर (Varanasi) थाने में दर्ज कराई। मामला सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा के अपमान का भी बन गया। माता शीतला की बधाई लेकर जाने वाले नाविकों की यात्रा के बीच इस तरह की हरकत ने नाविक समाज को भी आहत किया, जिसके बाद पुलिस पर कार्रवाई का दबाव और बढ़ गया।
हर साल मांझी समाज द्वारा शीतला घाट से मिर्जापुर के अदलहाट स्थित शीतला माता मंदिर (Varanasi) तक गंगा के रास्ते पूजा के लिए यात्रा की जाती है। इस परंपरा में कई जिलों से नाविक शामिल होते हैं और डीजे के साथ यात्रा भी होती है। रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे नावें रवाना हुई थीं और सोमवार देर शाम तक लौटने का क्रम रहता है। लेकिन इस बार यात्रा के दौरान दिन में डीजे के साथ उत्सव का माहौल दिखा, तो वहीं देर शाम के वीडियो में कुछ युवक बीयर पीते नजर आए। यही वीडियो विवाद की जड़ बना और प्रशासन को सख्ती दिखानी पड़ी।
सीमा का खेल और पहचान की मुश्किलें
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कुछ वीडियो मिर्जापुर सीमा क्षेत्र के थे, जिससे स्थानीय सर्किलों के लिए पहचान करना चुनौती बन गया। भेलूपुर (Varanasi) और दशाश्वमेध सर्किल में अन्य नाविकों से पहचान कराई गई, लेकिन किसी ने स्पष्ट पहचान नहीं की। इसके बावजूद पुलिस ने मुख्य आरोपी को पकड़कर यह संदेश दे दिया कि सीमा कोई भी हो, कानून की पकड़ से बचना आसान नहीं है।
बढ़ती जा रही घटनाएं
यह पहला मामला नहीं है जब गंगा (Varanasi) की धारा पर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले रमजान के दौरान नाव पर इफ्तार पार्टी का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोगों पर गंगा में मांस की हड्डियां फेंकने का आरोप लगा था। उस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि गंगा (Varanasi) के किनारे अनुशासन और आस्था दोनों को लेकर गंभीरता की जरूरत है।
वाराणसी (Varanasi) में गंगा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा का केंद्र है। ऐसे में बजड़े पर बीयर पार्टी जैसे दृश्य न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि आस्था पर सीधा प्रहार भी हैं।
पुलिस की कार्रवाई ने फिलहाल एक संदेश जरूर दिया है, लेकिन असली चुनौती यह है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, वरना आस्था की धारा में इस तरह की लापरवाही बार-बार गंदगी घोलती रहेगी।




