Varanasi के चर्चित टकसाल सिनेमा कांड में आखिरकार 24 साल बाद अदालत का फैसला सामने आ गया। इस लंबे इंतजार के बाद आए फैसले ने बाहुबली धनंजय सिंह को बड़ा झटका दिया है, क्योंकि कोर्ट ने इस बहुचर्चित फायरिंग मामले में अभय सिंह, विनीत सिंह समेत सभी छह आरोपियों को बरी कर दिया। यह मामला न केवल राजनीतिक और आपराधिक हलकों में चर्चा का केंद्र रहा, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की लंबी अवधि का भी उदाहरण बन गया।

कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
एमपी-एमएलए कोर्ट ने बुधवार को अपना निर्णय सुनाते हुए अभय सिंह, मिर्जापुर के एमएलसी विनीत सिंह और अन्य चार आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया। विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने 13 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत के इस फैसले के साथ ही 24 साल पुराने इस हाई-प्रोफाइल केस का पटाक्षेप हो गया।
फैसले से पहले आस्था का सहारा
फैसले से ठीक एक दिन पहले धनंजय सिंह ने वाराणसी (Varanasi) में बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया और रुद्राभिषेक कराया। इसके अलावा उन्होंने कालभैरव मंदिर में भी मत्था टेका। इस दौरान उन्होंने भरोसा जताया था कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा, लेकिन अदालत का फैसला उनके उम्मीदों के विपरीत रहा। फैसले को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। दो आईपीएस, तीन एसीपी समेत 350 से अधिक पुलिसकर्मियों (Varanasi)की तैनाती की गई थी, जबकि एक कंपनी पीएसी भी सुरक्षा में लगाई गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
Varanasi: क्या था पूरा मामला
यह घटना 4 अक्टूबर 2002 की है, जब धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ सफारी गाड़ी से वाराणसी से जौनपुर लौट रहे थे। उस समय वे जौनपुर की रारी सीट से निर्दलीय विधायक थे। आरोप के मुताबिक, कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में टकसाल सिनेमा हॉल के पास बोलेरो सवार अभय सिंह और उनके साथियों ने उनके काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
हमले में घायल हुए थे कई लोग
इस कथित हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और चालक समेत कई लोग घायल हो गए थे। सभी घायलों को तत्काल मलदहिया (Varanasi) स्थित सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया था।
मुकदमा और आरोपी
धनंजय सिंह ने इस मामले में अभय सिंह, विनीत सिंह, संदीप सिंह, संजय सिंह, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू के खिलाफ नदेसर (Varanasi) थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया था। इस केस से जुड़े गैंगस्टर एक्ट मामले में भी आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी थी। 29 अगस्त 2025 को अपर जिला जज सुशील खरवार ने उस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। अब फायरिंग केस में भी अदालत के फैसले ने आरोपियों को पूरी तरह राहत दे दी है।
टकसाल सिनेमा (Varanasi) कांड का यह फैसला न केवल एक लंबे कानूनी संघर्ष का अंत है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वर्षों पुराने मामलों में न्यायिक प्रक्रिया कितनी जटिल और समय लेने वाली हो सकती है। इस फैसले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि अदालत में साक्ष्यों और गवाहों की मजबूती ही अंतिम निर्णय की दिशा तय करती है।

