Varanasi: प्रधानमंत्री की ओर से एक साल तक सोना ना खरीदने को लेकर दिए गए बयान के विरोध में शुक्रवार को वाराणसी के शास्त्री घाट पर सोनार नरहरी सेना के नेतृत्व में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सोनार समाज, स्वर्णकार कारीगर, सर्राफा व्यापारी और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्वर्ण व्यापार और कारीगरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

परिवार की आजीविका पर पड़ रहा असर
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वर्णकार समाज सदियों से देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और पारंपरिक कला को मजबूत करता आया है, लेकिन हाल के बयानों से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि लोग लंबे समय तक सोना खरीदना बंद कर देंगे तो इसका सीधा असर छोटे व्यापारियों, कारीगरों और उनके परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा।

सोनार नरहरी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि स्वर्णकार समाज देश की आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है और छोटे कारीगरों (Varanasi) के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से स्वर्णकार समाज की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और ठोस कदम उठाने की मांग की।
Varanasi: बाजार पहले से ही झेल रहा मंदी की मार
प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ ने कहा कि पहले से ही बाजार मंदी की मार झेल रहा है। ऐसे समय में सोना न खरीदने जैसी अपील से व्यापार और अधिक प्रभावित हो सकता है। वहीं स्वर्णकार नेता जितेंद्र वर्मा ने कहा कि हजारों परिवार इस व्यवसाय पर निर्भर हैं और यदि व्यापार ठप हुआ तो सबसे अधिक नुकसान गरीब कारीगरों को उठाना पड़ेगा।
धरना समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन संबंधित प्रशासनिक अधिकारी (Varanasi) को सौंपा। ज्ञापन में प्रधानमंत्री के बयान पर पुनर्विचार करने, स्वर्णकार समाज के सम्मान की रक्षा करने तथा व्यापारियों और कारीगरों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की गई।
कार्यक्रम (Varanasi) में प्रदीप सोनी, राजू सेठ, रामसनेही सेठ, भानु सेठ, पंचम सेठ, राहुल सेठ, अतुल सेठ सहित चौबेपुर, फूलपुर, पिंडरा, बसनी, मुनारी, धानापुर और मिर्जामुराद से आए बड़ी संख्या में स्वर्णकार समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने अपने अधिकार, सम्मान और रोजगार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया।

