Sawan Special: सावन शुरू होने से पहले काशी के रुद्राक्ष बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। दशाश्वमेध घाट स्थित थोक रुद्राक्ष व्यापारी अंजली जायसवाल के अनुसार, जून से ही देश-विदेश से ऑर्डर आने शुरू हो जाते हैं और सावन व महाशिवरात्रि के दौरान मांग अपने चरम पर पहुंच जाती है।

100 से लेकर 50–60 लाख रुपये तक के हैं रूद्राक्ष
व्यापारी ने बताया कि उनके पास नेपाल, इंडोनेशिया, भारत, हरिद्वार और हिमालय क्षेत्र के रुद्राक्ष उपलब्ध हैं। शास्त्रों के अनुसार नेपाली रुद्राक्ष को सबसे अधिक प्रभावशाली माना जाता है, इसलिए इसकी मांग सबसे ज्यादा रहती है। इस बार बाजार (Sawan Special) में विशेष रूप से 5 मुखी से लेकर 14 मुखी रुद्राक्ष की मांग बढ़ी है। बढ़ती मांग के कारण कीमतों में भी इजाफा हुआ है। रुद्राक्ष की कीमत 100 रुपये से लेकर 50–60 लाख रुपये तक है, जो उसकी गुणवत्ता, दुर्लभता और मुखों की संख्या पर निर्भर करती है।

अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने से भी रुद्राक्ष के दाम में इजाफा
अंजली जायसवाल के मुताबिक, काशी से रुद्राक्ष की आपूर्ति भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर, मलेशिया, इंडोनेशिया, दुबई, दक्षिण अफ्रीका और चीन तक की जाती है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने से भी रुद्राक्ष के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

सावन (Sawan Special) में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के काशी आने से इस बार रुद्राक्ष कारोबार 40 से 50 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने का अनुमान है। व्यापारियों का मानना है कि बाबा विश्वनाथ की नगरी में बढ़ती धार्मिक पर्यटन गतिविधियों से बाजार को और मजबूती मिलेगी।



