Azamgarh: निजामबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक और सादगी व ईमानदारी की मिसाल माने जाने वाले आलमबदी का दुखद निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र और पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर समाजवादी पार्टी के मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। गुरूवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ही उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान उनके आवास पर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना था। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि विधायक और सांसद (Azamgarh) तो कोई भी बन सकता है, लेकिन आलमबदी जैसा व्यक्तित्व होना बेहद मुश्किल है।

ऐसे महान और बेदाग छवि वाले व्यक्तित्व का जाना प्रदेश के सदन और समाज दोनों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मैं उनके दुखद निधन पर अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि आलमबदी का व्यक्तित्व आजमगढ़ की शान था।
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उन्हें देखकर हमेशा एक अभिभावक का अहसास होता था, जो विपरीत परिस्थितियों में भी जनता के साथ खड़े रहकर अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी (Azamgarh) से निर्वहन करते थे। आज के दौर में ईमानदार बने रहना बहुत कठिन कार्य है। इस ईमानदारी के कारण उन्हें और उनके परिवार को कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा होगा, लेकिन उन्होंने अपने उसूलों से कभी समझौता नहीं किया। ऐसे व्यक्तित्व का चले जाना हम सभी के लिए बेहद पीड़ादायक है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि शिव प्रकाश उपाध्याय उर्फ सुब्बी बाबा, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद सिंह सहित क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ एवं कनिष्ठ नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और शुभचिंतको ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

Azamgarh: पांच बार रहे निजामाबाद क्षेत्र के विधायक
स्थानीय विधानसभा क्षेत्र (Azamgarh) के विधायक आलमबदी आज़मी का लंबी बीमारी के बाद बुधवार देर रात निधन हो गया। वह लगभग 95 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर मिलते ही निजामाबाद (Azamgarh) सहित पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया।

सादगी के साथ हमेशा रहने वाले पांच बार निजामाबाद के विधायक रहे हैं। दिवंगत विधायक के पुत्र बाबू भाई ने बताया कि उनके जनाजे की नमाज गुरुवार शाम चार बजे जमियातुर रशाद में अदा की गयी। इसके बाद उन्हें नई कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
मातवरगंज जन्मस्थली तो निजामाबाद रही कर्मस्थली
आलमबदी आज़मी का जन्म आजमगढ़ शहर के मातबरगंज में हुआ था, लेकिन उनकी कर्मभूमि निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र रही। उन्होंने लंबे समय तक क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करते हुए विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और जनसेवा (Azamgarh) के प्रति समर्पण के कारण वह क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय थे।

परिजनों के अनुसार वह पिछले कई महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे और लखनऊ के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। स्वास्थ्य में सुधार होने पर पिछले सप्ताह उन्हें चिकित्सकों की सलाह पर घर भेज दिया गया था, लेकिन बुधवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनका निधन हो गया।

