IIT-BHU के संस्थान दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमता की सराहना की। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए आईआईटी-बीएचयू जैसे संस्थानों के शोध, नवाचार और तकनीकी विशेषज्ञता की अहम भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने कहा “मुझे विश्वास है कि संस्थान के शोध पत्र, स्टार्टअप, पेटेंट और नवाचार भारत की ज्ञान शक्ति को जनशक्ति में परिवर्तित करते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे, और प्रदेश को ऊर्जा, स्मार्ट मोबिलिटी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल डिवाइस, रक्षा और अन्य हाईटेक क्षेत्रों में IIT-BHU जैसे संस्थानो के निरंतर योगदान और अनुसंधान की जरूरत है।“
IIT-BHU: ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार का नया केंद्र
उन्होंने कहा कि यह परिसर अब केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार, उद्योग, कृषि और समाज के एकता का राष्ट्रीय केंद्र बन चुका है। एक ही मंच पर स्टार्टअप उद्यमियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ साथ वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, किसानों और विद्यार्थियों की भी सहभागिता उत्तर प्रदेश में विकसित हो रही नई उभरती नवाचार संस्कृति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने संस्थान की ओर से प्रस्तावित एग्रीटेक बिजनेस पार्क की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूर्वांचल (IIT-BHU) के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, डिजिटल मार्केटिंग, कृषि आधारित स्टार्टअप और एग्री-बिजनेस से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी।
रोबोटिक्स दे रहा विकास को नयी दिशा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, एग्रीटेक, बायोटेक और डीपटेक जैसे उभरते आधुनिक क्षेत्र प्रदेश के विकास को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने उच्च शिक्षण संस्थानों को नवाचार, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित करने का मजबूत आधार प्रदान किया है।
