Varanasi: चौबेपुर थाना क्षेत्र के मिश्रपुरा गांव में बैनामा की गई जमीन पर कब्जे के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि दबंगों ने जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया और विरोध करने पर दलित परिवार के लोगों पर तलवार और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता सीमा देवी, निवासी मिश्रपुरा, की तहरीर के अनुसार उनकी सास प्रभावती देवी के नाम बैनामा की गई भूमि पर 27 जून की सुबह करीब नौ बजे कुछ लोग जबरन छप्पर और टिनशेड लगाकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। परिवार (Varanasi) के लोगों ने विरोध किया तो आरोप है कि आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और फिर लाठी-डंडों व तलवार से हमला कर दिया।
चार लोग गंभीर रूप से घायल
हमले में विकास गौड़, विश्वास गौड़, अजीत गौड़ और रामबली गौड़ घायल हो गए। आरोप है कि एक हमलावर ने तलवार से विकास गौड़ के दाहिने आंख के ऊपर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद हमलावर वहां से फरार हो गए।
Varanasi: 10 आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस (Varanasi) ने तहरीर के आधार पर राजन यादव, विवेक यादव, विकास यादव, राहुल यादव, राजेश यादव, जितेंद्र यादव, अनिल यादव, सुनील यादव, ओमप्रकाश यादव और राजकुमार यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर 10 नामजद आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घायलों (Varanasi) का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है और मामले की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
