Tribal women: आज के समय में ऐशों-आराम से भरी इस दुनिया में शायद ही किसी को इस बात पर यकीन होगा कि इस धरती पर ऐसे भी कुछ लोग मौजूद है, जिन्होंने कभी शहर तो क्या अपने गांव की सीमा से बाहर कदम ना रखा हो. जी हां, चंदौली जिले के नौगढ़ विकासखंड का पंडी गांव आज भी ऐसी दुनिया में जी रहा है, जहां के लोगों ने शहर की सूरत तक नहीं देखी। करीब 80 घरों वाले इस गांव की महिलाएं और पुरुष कभी गांव और जंगल की सीमाओं से बाहर नहीं निकले।
पंडी गांव की महिलाओं और पुरुषों की दिली इच्छा रही कि वह मंदिरों के दर्शन-पूजनकरें खास तौर पर वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों की. अब पुलिस विभाग के मिशन शक्ति अभियान के तहत की गई एक पहल से उनकी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी हुई है। बीते सोमवार को पंडी गांव की 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को पुलिस की बस से वाराणसी लाया गया और उन्होंने काशी विश्वनाथ सहित प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन किए।
Tribal women: महिलाओं ने कहा- कभीं नहीं देखा है शहर
हुआ कुछ यूँ कि कुछ दिन पहले डीआईजी वैभव कृष्ण जब पंडी गांव पहुंचे तो उन्होंने वहां की महिलाओं (Tribal women) से बातचीत की। उस दौरान महिलाओं (Tribal women) ने बड़े भावुक होकर कहा कि उन्होंने आज तक शहर नहीं देखा है। यह सुनकर डीआईजी कुछ क्षण के लिए स्तब्ध और आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि यदि उन्हें कहीं ले जाया जाए तो वे क्या देखना चाहेंगी। इस पर महिलाओं ने बिना झिझक कहा कि वे काशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करना चाहती हैं।
महिलाओं (Tribal women) की इस इच्छा ने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों को भी भावुक कर दिया। मौके पर ही डीआईजी ने चंदौली पुलिस को निर्देश दिया कि मिशन शक्ति के तहत इन महिलाओं और गांव के कुछ पुरुषों को वाराणसी ले जाकर दर्शन-पूजन करवाएं।
इसके बाद उन्हें वाराणसी दर्शन-पूजन के लिए लाया गया. चंदौली के एसपी आकाश पटेल ने बताया कि सोमवार की सुबह पुलिस की विशेष बस पंडी गांव पहुंची। बस में गांव की दुर्गावती देवी (46), सरस्वती (70), कलावती( 42) पुष्प (35), प्रभावती( 45) सहित 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को वाराणसी लाया गया। एक छोटे वाहन में दो इंस्पेक्टर और चार उपनिरीक्षक भी साथ थे।
एसपी ने बताया कि सभी श्रद्धालु पहले बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचें। इसके बाद संकटमोचन मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर भी गए । काशी के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह है।
40 महिलाओं और 10 पुरुषों ने किया शहर भ्रमण
पंडी गांव की महिलाओं (Tribal women) ने बताया कि उन्होंने आज तक शहर नहीं देखा है। उनकी इच्छा थी कि उन्हें काशी विश्वनाथ सहित प्रमुख मंदिरों के दर्शन कराए जाएं। मिशन शक्ति के तहत उनकी इस इच्छा को पूरा किया जा रहा है। सोमवार को 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को काशी ले जाकर प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन कराया गया.
गौरतलब है कि पहाड़ों और जंगलों से घिरे पंडी गांव (Tribal women) की तस्वीर आज भी विकास से कोसों दूर नजर आती है। लगभग 80 घरों की आबादी वाला यह गांव बुनियादी सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। गर्मी के दिनों में गांव के प्राकृतिक जलस्रोत सूख जाते हैं, जिससे पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो जाता है। कई परिवारों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
गांव में मोबाइल नेटवर्क लगभग नहीं के बराबर है। संचार व्यवस्था बाधित रहने से लोग बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं। अधिकांश ग्रामीण मजदूरी और जंगल से मिलने वाले संसाधनों पर निर्भर हैं। उनकी आय इतनी सीमित है कि परिवार का दो वक्त का भोजन और कपड़ों का खर्च मुश्किल से निकल पाता है।

