Varanasi: कैथी स्थित मार्कण्डेय महादेव मंदिर से गंगा-गोमती संगम घाट तक बन रही सड़क को लेकर विवाद गहरा गया है। बुधवार दोपहर अचानक लोक निर्माण विभाग की टीम पुलिस और पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंची। भारी पुलिस बल की मौजूदगी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। हालांकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के बीच निर्माण कार्य को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।

एक ओर प्रभावित किसानों ने बिना भूमि अधिग्रहण और मुआवजा दिए निजी भूमि पर सड़क निर्माण कराने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की है, वहीं लोक निर्माण विभाग ने इन आरोपों (Varanasi) को निराधार बताया है।किसान डॉ. गायत्री प्रसाद सिंह ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी गाटा संख्या-460 सहित निजी भूमि पर बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।
Varanasi: मांगें पूरी नहीं होने पर होगा आंदोलन
उनका कहना है कि न तो भूमि का अधिग्रहण किया गया और न ही किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया है। उन्होंने निर्माण कार्य (Varanasi) रोककर मामले की जांच कराने तथा नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

वहीं लोक निर्माण विभाग (Varanasi) के जूनियर इंजीनियर धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि एसएलओ (विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी) द्वारा लिखित रूप से अवगत कराया गया है कि आराजी संख्या-460, ग्राम कैथी की भूमि का वर्ष 1962 में अधिग्रहण कर मुआवजा का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार यह भूमि सड़क के लिए पहले ही अधिग्रहित है। जेई धर्मेंद्र गुप्ता का कहना है कि डॉ. गायत्री प्रसाद सिंह पिछले दो वर्षों से सड़क निर्माण कार्य (Varanasi) में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। विभाग का कहना है कि निर्माण कार्य सरकारी अभिलेखों के आधार पर कराया जा रहा है।

