Mau: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर सोमवार को सपा-कांग्रेस ने संयुक्त रूप से जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाते हुए भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
Mau: डीएम को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद सपा जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव और कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई कराने, कथित वोट चोरी की निष्पक्ष जांच कराने और मतदाता सूची की गड़बड़ियों को दुरुस्त करने की मांग की गई।

‘चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल’
सपा-कांग्रेस नेताओं (Mau) ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। उनका दावा है कि विपक्षी मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं और फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं। नेताओं ने बिहार में चल रहे एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि मतदाता सूची में किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम नहीं कटना चाहिए।
दूधनाथ बोले- लोकतंत्र खतरे में
सपा जिलाध्यक्ष (Mau) दूधनाथ यादव ने कहा कि देश का लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

राजमंगल ने कहा- वोट चोरों को गद्दी छोड़नी होगी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव ने कहा कि ‘वोट चोरों को गद्दी छोड़नी पड़ेगी।’ उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की।

पूर्व एमएलसी ने भी साधा निशाना
पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाहा ने आरोप लगाया कि महिलाओं, दलितों और पिछड़ों के वोट काटे जा रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
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प्रदर्शन (Mau) में वरिष्ठ सपा नेता हरिश्चंद्र यादव, कांग्रेस नेता संजय गुप्ता, तैयब पालकी, शैलेन्द्र कुमार यादव, पंकज उपाध्याय, मयंक पाण्डेय, शिवाजी कन्नौजिया समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकर्ता शांतिपूर्वक लौट गए।

