Varanasi: दालमंडी मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया अब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तक पहुंच गई है। मार्ग को चौड़ा करने के लिए चिह्नित किए गए भवनों को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की शुरू कर दी है। जारी सूचना के अनुसार चौड़ीकरण की जद में आने वाले चिह्नित भवनों पर सोमवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही हैं। ऐसे में अब उम्मीद है कि दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

प्रशासन की ओर से जारी सूचना में चौड़ीकरण से प्रभावित भवनों के क्रमांक का उल्लेख किया गया है। इनमें सीके 39/73, सीके 39/74+76, सीके 43/112, सीके 67/1, डी 50/209-डी-1 तथा सी 1/16 और 17 समेत अन्य भवन शामिल हैं। इन भवनों को मार्ग चौड़ीकरण की योजना के तहत चिह्नित किया गया है। सूचना जारी होने के बाद संबंधित भवन स्वामियों और (Varanasi) क्षेत्र के लोगों में कार्रवाई को लेकर हलचल बढ़ गई है।
आवागमन को सुगम बनाना – योजना का उद्देश्य
दालमंडी क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) के पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में शामिल है। यहां संकरी सड़क, घनी बस्ती और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण अक्सर यातायात का दबाव बना रहता है। मार्ग चौड़ीकरण की योजना का उद्देश्य आवागमन को सुगम बनाना और क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है। इसके लिए मार्ग के दोनों ओर आने वाले ऐसे भवनों और हिस्सों को चिह्नित किया गया है, जो प्रस्तावित चौड़ीकरण की सीमा में आ रहे हैं।

Varanasi कार्रवाई से पहले प्रशासन ने जारी की सूचना
ध्वस्तीकरण की प्रस्तावित कार्रवाई से पहले प्रशासन की ओर से प्रभावित भवनों को लेकर सूचना जारी की गई है। इसमें भवन संख्या का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, ताकि संबंधित संपत्ति मालिकों को कार्रवाई की जानकारी मिल सके।

दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण को वाराणसी की यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। पहले से ही इस क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और प्रभावित संपत्तियों को लेकर प्रक्रिया चल रही है।
व्यापारिक क्षेत्र होने से बढ़ी चुनौती
दालमंडी (Varanasi) क्षेत्र में बड़ी संख्या में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। ऐसे में चौड़ीकरण की कार्रवाई प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण भी होगी। कार्रवाई के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा बल की तैनाती और प्रभावित क्षेत्र में आवागमन को नियंत्रित किया जारहा हैं।

मार्ग चौड़ीकरण पूरा होने के बाद दालमंडी (Varanasi) और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करने और वाहनों के आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, चिह्नित भवनों के स्वामियों के लिए यह कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि उनकी संपत्तियां प्रस्तावित चौड़ीकरण की जद में शामिल हैं।
ड्रोन की जारही निगरानी
इस दौरान ACP दशाश्वमेध (Varanasi) डॉ अतुल अंजान त्रिपाठी ने मीडिया से बात चीत में बताया कि प्रस्तावित कार्रवाई के दौरान चिह्नित भवनों के उन हिस्सों को हटाया जा रहा हैं, जो मार्ग चौड़ीकरण की सीमा में आ रहे हैं।ध्वस्तीकरण की जद में बचे 5 भवनों पर कारवाई की जा रही हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस फ़ोर्स और बैरीगेटिंग लगाए गए हैं। साथ ही ड्रोन से भी निगरानी की जा रही हैं। उन्होंने आगे बताया कि यह कारवाई आज की अंतिम कारवाई हैं जिसको जल्द पूरा कर लिया जायेगा।

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वहीं (Varanasi) PWD अभियंता के.के सिंग ने बताया कि 181 भवनों में जो मकान ध्वस्तीकरण की जद में बचे हुए थे आज उन्ही पर कार्रवाई की जारही है। उन्होंने ने बताया कि पोकलैंड मशीनों की मदद ये ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जा रही हैं। वहीं आगे कहा कि वाटर पाइपलाइन और सीवर का काम हो रहा हैं और लगभग दो महीनों के भीतर दालमंडी की रोड बना दी जाएगी।

