काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ट्रॉमा सेंटर के बगल में लंका मुख्य मार्ग पर बुधवार को सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक करीब 10 फीट नीचे धंस गया। सड़क धंसने से मौके पर गहरा और खतरनाक गड्ढा बन गया है। व्यस्त मुख्य मार्ग पर इस तरह सड़क धंसने की घटना से राहगीरों और आसपास के लोगों में चिंता बढ़ गई है। खासकर ट्रॉमा सेंटर आने वाले मरीजों, तीमारदारों, छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि सड़क का धंसा हुआ हिस्सा काफी गहरा है। यदि समय रहते इसकी घेराबंदी और मरम्मत नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। लंका मुख्य मार्ग BHU परिसर और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जिस पर दिनभर बड़ी संख्या में वाहनों और लोगों की आवाजाही रहती है।
बारिश के बाद सड़क धंसने से बढ़ी चिंता
पिछले दिनों वाराणसी में हुई भारी बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव और जलनिकासी की समस्याएं सामने आई थीं। BHU और उसके आसपास भी बारिश का असर देखने को मिला था। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर के पास सड़क का अचानक इस तरह धंस जाना जलनिकासी व्यवस्था, सड़क के नीचे की मिट्टी के कटाव, भूमिगत पाइपलाइन या निर्माण कार्य की गुणवत्ता से जुड़े सवालों को भी जन्म दे रहा है।
हालांकि सड़क धंसने के वास्तविक कारण का पता तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा। ऐसे में संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर यह पता लगाना होगा कि सड़क के नीचे किसी पाइपलाइन में लीकेज, जलभराव के कारण मिट्टी का कटाव, कमजोर बेस अथवा निर्माण संबंधी किसी खामी के कारण यह स्थिति बनी है।
BHU ट्रॉमा सेंटर के पास 10 फीट धंसी सड़क
एक ओर केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार बेहतर सड़क, मजबूत बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक से निर्माण कार्य किए जाने के दावे करती हैं, वहीं दूसरी ओर BHU ट्रॉमा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण स्थान के समीप मुख्य सड़क का करीब 10 फीट तक धंस जाना व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर रहा है।
उत्तर प्रदेश को गड्ढामुक्त बनाने और सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के दावों के बीच इतनी बड़ी सड़क धंसने की घटना निश्चित रूप से गंभीर है। लोगों का सवाल है कि यदि किसी व्यस्त मुख्य मार्ग के निर्माण और रखरखाव के बावजूद सड़क के नीचे इतना बड़ा गड्ढा बन सकता है, तो सड़क निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
हादसे की आशंका, तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का यह हिस्सा BHU ट्रॉमा सेंटर के पास होने के कारण और भी संवेदनशील है। यहां मरीजों को लेकर एंबुलेंस और अन्य वाहन लगातार आते-जाते हैं। रात के समय पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर धंसी सड़क किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
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लोगों ने संबंधित विभाग से तत्काल मौके पर पहुंचकर सड़क के धंसे हिस्से की बैरिकेडिंग कराने, यातायात को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने और सड़क की मरम्मत शुरू कराने की मांग की है। इसके साथ ही सड़क धंसने के कारणों की तकनीकी जांच कराने की भी मांग उठ रही है।
