Varanasi: जिले के आठ विकास खंडों की करीब 750 समूह सखियां, आजीविका सखी और स्वास्थ्य सखी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठाई है। चिरईगांव, काशी विद्यापीठ, हरहुआ, चोलापुर, बड़ागांव, पिंडरा, आराजीलाइन और सेवापुरी की इन महिलाओं का कहना है कि ग्रामीण स्तर पर योजनाओं को महिलाओं और परिवारों तक पहुंचाने, स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय रखने और विभागीय कार्यक्रमों में सहयोग करती हैं, लेकिन उन्हें इतने काम के बदले मात्र 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है।
किराया तक निकलना हुआ मुश्किल
इस दौरान उन्होंने बताया कि रोजाना के हिसाब से यह राशि करीब 60 रुपये बैठती है। उन्हें इससे विकास खंड कार्यालय आने-जाने व वाहन किराया तक निकालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में (Varanasi) ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर बैठक, फॉलोअप, सर्वे, एमआईएस, ऑनलाइन आवेदन और सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य करने पड़ते हैं।

Varanasi स्मार्ट मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की मांग
वहीं सखियों ने अपनी मांगों में स्मार्ट मोबाइल फोन उपलब्ध कराने, मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने और मानदेय सीधे व्यक्तिगत बैंक खातों में भेजने की मांग की है। इसके साथ ही उनका कहना है कि मोबाइल फोन मिलने से एमआईएस, ऑनलाइन आवेदन, समूहों से संबंधित डेटा, रिपोर्टिंग और अन्य डिजिटल कार्य समय पर किए जा सकेंगे।

इसके अलावा सखियों ने कार्य की स्पष्ट जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र निर्धारित करते हुए उन्हें स्थायी या नियत कार्य के आधार पर नियुक्त करने की मांग की है। वहीं गांव-गांव जाकर काम करने के लिए यात्रा भत्ता दिए जाने की भी मांग रखी गई है।
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सखियों ने अधिकारियों (Varanasi) से मांग की है कि उनकी समस्याओं और मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभागों और उच्च अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए अवगत कराया जाए।

