Varanasi: धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में गंगा का जलस्तर 66 मीटर से नीचे आने के बाद नाविकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। गंगा में जलस्तर बढ़ने के कारण 18 अगस्त से बंद नावों का संचालन शुक्रवार से दोबारा शुरू हो जाएगा। 53 दिनों के लंबे इंतजार के बाद नावों का संचालन शुरू होने से नाविक समाज में खुशी की लहर है। नाव चलाने पर रोक के चलते आर्थिक संकट का सामना कर रहे हजारों परिवारों को अब फिर से रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है।
जल पुलिस प्रभारी सुधीर कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गंगा में जलस्तर कम होने के बाद शुक्रवार से नावों के संचालन की अनुमति दी गई है। नाविक सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक नाव चला सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी नाविकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले नाविकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से नावों के संचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा।
Varanasi: 53 दिनों से बंद था नावों का संचालन
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 18 अगस्त से नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद से नाविकों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया था। काशी (Varanasi) के विभिन्न घाटों पर नाव चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले नाविक लंबे समय से संचालन शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। गंगा का जलस्तर कम होने और कई घाटों से पानी उतरने के बाद प्रशासन ने नावों के संचालन की अनुमति प्रदान की है।
बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर 65.62 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर 66 मीटर से नीचे आने के बाद नाव संचालन का रास्ता साफ हुआ। शुक्रवार से नावें फिर गंगा में दिखाई देंगी। इससे घाटों पर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी नाव की सवारी की सुविधा मिल सकेगी।
हजारों परिवारों की आजीविका को मिलेगी राहत
मां गंगा निषादराज सेवा समिति के संगठन मंत्री शंभू साहनी ने बताया कि काशी के कई घाटों से गंगा का पानी उतर चुका है। इसके बाद प्रशासन ने शुक्रवार से नावों के संचालन की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि नावों का संचालन बंद होने के कारण नाविक समाज (Varanasi) के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था। नाव चलाकर ही हजारों परिवार अपना जीवनयापन करते हैं। लंबे समय तक नावों का संचालन बंद रहने से इन परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई।
उन्होंने कहा कि नावों का संचालन दोबारा शुरू होने से नाविकों को रोजगार मिलेगा और उनके परिवारों के सामने खड़ा आर्थिक संकट कुछ हद तक दूर होगा। शंभू साहनी ने नाव संचालन (Varanasi) की अनुमति देने के लिए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी मिलेगी सुविधा
काशी (Varanasi) के गंगा घाटों पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। गंगा में नौका विहार यहां के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। नावों का संचालन बंद होने से पर्यटकों को भी निराशा का सामना करना पड़ रहा था। अब संचालन शुरू होने से पर्यटकों को गंगा की सैर करने का अवसर मिलेगा और घाटों पर गतिविधियां फिर से बढ़ेंगी।
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हालांकि, प्रशासन ने नाविकों के लिए सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य किया है। ऐसे में नाविकों को निर्धारित समय के भीतर ही नावों का संचालन करना होगा और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। 53 दिनों बाद गंगा में नावों की वापसी से जहां नाविक समाज को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं काशी के घाटों की रौनक भी लौटने की उम्मीद है।
