Varanasi: लंका थाना क्षेत्र के डाफी बाईपास स्थित श्याम नगर कॉलोनी में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद उत्पन्न जलजमाव अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर संकट बन गया है। कॉलोनी की गलियों और रास्तों में घुटने से लेकर कई स्थानों पर कमर तक पानी भरा हुआ है। हालात यह हैं कि लोगों को अपने घरों तक पहुंचने और रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण सैकड़ों परिवारों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बाढ़ का पानी नहीं, बल्कि बारिश के बाद जलनिकासी की समुचित व्यवस्था (Varanasi) नहीं होने के कारण जमा हुआ पानी है। पानी की निकासी नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कॉलोनी में रहने वाले बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क और गलियां जलमग्न होने के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।
बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, कई परिवारों ने छोड़े घर
जलजमाव का असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार स्थिति इतनी खराब है कि करीब दर्जन भर परिवार अपने घरों में ताला लगाकर दूसरे क्षेत्रों में किराये के मकान, रिश्तेदारों के घर और आसपास के होटलों (Varanasi) में रहने को मजबूर हो गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि लगातार पानी में रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, इसलिए उन्हें दूसरे स्थान पर रहने की व्यवस्था करनी पड़ी।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक कॉलोनी से प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है। नौकरी, व्यवसाय, स्कूल, कॉलेज और अन्य जरूरी कामों के लिए निकलने वाले लोगों (Varanasi) को जलजमाव के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। दोपहिया वाहनों के आवागमन में भी परेशानी हो रही है और कई स्थानों पर पानी की गहराई के कारण लोगों को अपने वाहन निकालने में दिक्कत हो रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा कर लगाई गुहार
कॉलोनी की निवासिनी श्वेता सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से जलजमाव की भयावह स्थिति साझा करते हुए प्रशासन से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से पानी जमा होने के कारण स्थानीय लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द राहत पहुंचाएगा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के बाद जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार ऐसी स्थिति पैदा होती है। उनका कहना है कि तत्काल पंप लगाकर पानी निकाला जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही भविष्य में बारिश के दौरान दोबारा जलजमाव न हो, इसके लिए स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है।
Varanasi भाजपा नेता ने प्रशासन को दी चेतावनी
मामले को लेकर भाजपा नेता एवं अधिवक्ता दीपक सिंह राजवीर ने जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन (Varanasi) से तत्काल प्रभाव से जल निकासी कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लगातार जलजमाव के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

दीपक सिंह राजवीर ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 31 अगस्त तक श्याम नगर कॉलोनी से जलजमाव समाप्त कर पानी की निकासी नहीं कराई गई तो एक सितंबर से प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन (Varanasi) शुरू किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि तत्काल पंप लगाकर पानी निकाला जाए और संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान की कार्ययोजना तैयार करें।
‘जमीनी कार्यकर्ता हैं, जनता के सुख-दुख में साथ रहना है’
अधिवक्ता दीपक सिंह राजवीर ने कहा कि भाजपा के छोटे कार्यकर्ता होने के नाते वे लगातार जनता के बीच रहते हैं। उन्होंने कहा, “हम लोग भाजपा के छोटे कार्यकर्ता हैं। जनता के बीच जाना पड़ता है। मतदान हो या रैली, इन्हीं लोगों (Varanasi) के बीच जाना होता है। हम जमीनी कार्यकर्ता हैं और जनता के सुख-दुख के भागीदार हैं। ऐसे में जब लोगों को अपने ही घरों तक पहुंचने के लिए घुटने और कमर भर पानी से गुजरना पड़ रहा है तो उनकी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने कहा कि जनता को उसके हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता। प्रशासन को तत्काल मौके पर टीम भेजकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए और पंप लगाकर पानी की निकासी करानी चाहिए। साथ ही जलनिकासी के स्थायी समाधान के लिए नाले, ड्रेनेज और पानी के प्राकृतिक बहाव की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना जरूरी है।
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स्थानीय निवासियों का कहना है कि केवल बारिश के बाद पंप लगाकर पानी निकाल देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। हर वर्ष बरसात के मौसम में जलजमाव की स्थिति बनने से लोगों (Varanasi) को परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच कराकर स्थायी नाला और ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाना चाहिए।
