Varanasi Temple: धर्म और आध्यात्मिक की नगरी काशी के भदैनी क्षेत्र में स्थित मां नवदुर्गा का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहां भक्तों को एक ही स्थान पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के दर्शन होते हैं। यही कारण है कि नवरात्र के दौरान यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं और पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बना रहता है।

प्राचीन ग्रंथों में है उल्लेख
मान्यता है कि यह मंदिर स्वयंभू है और इसका उल्लेख काशी के प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है। बताया जाता है कि यह मंदिर काशी के पवित्र केदार खंड क्षेत्र में स्थित है और इसका वर्णन प्राचीन ग्रंथ काशी खंड में भी किया गया है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मां के दरबार में मांगी गई हर मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।

Varanasi Temple: मंदिर की है एक अनोखी परंपरा
इस मंदिर (Varanasi Temple) की एक अनोखी परंपरा भी है। यहां दिन के अलग-अलग समय में मां के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन होते हैं। प्रातःकाल मां सरस्वती के रूप में, दोपहर में मां महालक्ष्मी के रूप में और रात्रि में मां महाकाली के रूप में भक्तों को दर्शन देती हैं। इस विशेष परंपरा के कारण यह मंदिर भक्तों के बीच और भी अधिक श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है।

नवरात्रि में लगती है लंबी कतारें
नवरात्र के अवसर पर यहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं। मंदिर परिसर (Varanasi Temple) को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है और विधि-विधान से मां की पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तजन नारियल, चुनरी और प्रसाद चढ़ाकर मां से सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं।

व्यर्थ नहीं जाती भक्तों की प्रार्थना
लोगों के अनुसार नवरात्र के दिनों में मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन, भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन किया जाता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। श्रद्धालु मानते हैं कि मां नवदुर्गा के इस पवित्र दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती और मां अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं।

मंदिर परिषद (Varanasi Temple) में महाबली हनुमान सहित 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित है मां के दर्शन के साथ ही लोगों को बाबा के 12 ज्योतिर्लिंग और महाबली हनुमान के भी दर्शन मिलते हैं मंदिर परिषद में सुंदर हवन कुंड बना हुआ है। जहां पर लोग हवन पूजन करते हैं।


