Varanasi: श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर अब काशी में श्रीजगन्नाथ कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। अस्सी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर परिसर में कॉरिडोर के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। इसे काशी का ऐसा पहला मंदिर परिसर बनाने की तैयारी है, जहां धार्मिक गतिविधियों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा, आवास और भोजन की आधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी की ओर से मंदिर को भव्य कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। पहले चरण (Varanasi) में इसके निर्माण पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पूरी परियोजना को लगभग 41 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
गरुण मंदिर से शुरू हुआ निर्माण
श्रीजगन्नाथ धाम (Varanasi) के विस्तार और विकास की शुरुआत परिसर में गरुण मंदिर के निर्माण से हो चुकी है। ट्रस्ट के सचिव शैलेष त्रिपाठी के अनुसार मंदिर का बेस तैयार हो चुका है और अब पिलर खड़े किए जा रहे हैं। परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ कई अन्य सुविधाएं भी मिल सकेंगी।

कॉरिडोर को आधुनिक सुविधाओं के साथ काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक आवागमन, विश्राम, भोजन, स्वास्थ्य और धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था की जाएगी।
श्रीजगन्नाथ धाम परिसर (Varanasi) में गुरुकुल विद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य वैदिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देना होगा। गुरुकुल में विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान और संस्कार आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना है। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शिक्षा को जोड़ने की यह व्यवस्था श्रीजगन्नाथ धाम को अन्य मंदिर परिसरों से अलग पहचान देगी।
Varanasi: 200 श्रद्धालुओं के लिए बनेगी धर्मशाला
दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए परिसर में करीब 200 लोगों की क्षमता वाली सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला बनाई जाएगी। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर (Varanasi) के नजदीक ही ठहरने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पुजारियों और कर्मचारियों के लिए कार्यालय, मुख्य द्वार के पास आवासीय परिसर तथा प्रशासनिक कार्यालय भी बनाए जाएंगे।
10 हजार भक्तों के लिए तैयार होगा प्रसाद
श्रीजगन्नाथ धाम की प्रस्तावित सबसे प्रमुख सुविधाओं में विशाल रसोई शामिल है। भगवान श्रीजगन्नाथ के दिव्य भोग के लिए अलग पारंपरिक रसोईघर बनाया जाएगा, जहां लकड़ी के चूल्हे पर प्रभु का भोग तैयार किया जाएगा।

इसके अलावा प्रतिदिन करीब 10 हजार भक्तों के लिए प्रसाद तैयार करने की क्षमता वाला कमर्शियल किचन भी बनाया जाएगा। भोज स्थल पर एक साथ करीब 250 श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे।
इस व्यवस्था से बड़े धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जा सकेगी।
स्वास्थ्य केंद्र और बहुउद्देश्यीय हॉल भी होगा
धाम परिसर में श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ सेंटर बनाया जाएगा। आपात स्थिति में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं परिसर में ही उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके अलावा एक बहुउद्देश्यीय हॉल और सेंट्रल गार्डन भी विकसित किया जाएगा। सेंट्रल गार्डन में निर्धन परिवारों के लिए विवाह समारोह आयोजित किए जा सकेंगे। इस तरह मंदिर परिसर (Varanasi) धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सेवा के केंद्र के रूप में भी विकसित होगा।

भगवान श्रीजगन्नाथ के जलाभिषेक के लिए परिसर में विशेष कुंड (Varanasi) का निर्माण किया जाएगा। वार्षिक उत्सवों और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए विशाल लॉन तैयार किया जाएगा।
श्रद्धालुओं (Varanasi) के बैठने के लिए करीब 200 लोगों की क्षमता वाली छतरीयुक्त बेंच बनाई जाएंगी। परिसर में हस्तशिल्प, फूल और मिठाइयों को बढ़ावा देने के लिए विशेष कियोस्क भी लगाए जाएंगे। इससे स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को भी मंच उपलब्ध कराने की योजना है।
125 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए परिसर में पार्किंग की भी पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। यहां करीब 25 चारपहिया और 100 दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग बनाई जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए मुख्य द्वार पर गार्ड रूम बनाया जाएगा। पूरे परिसर में 24 घंटे सीसीटीवी सर्विलांस की व्यवस्था रहेगी। मंदिर और कॉरिडोर के प्रमुख हिस्सों पर निगरानी के लिए आधुनिक सुरक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी।
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श्रीजगन्नाथ कॉरिडोर (Varanasi) को केवल मंदिर के विस्तार के रूप में नहीं, बल्कि धार्मिक, शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। एक ही परिसर में मंदिर, गुरुकुल, धर्मशाला, स्वास्थ्य केंद्र, रसोई, प्रसाद स्थल, पार्किंग, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक आयोजनों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

परियोजना पूरी होने के बाद अस्सी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर काशी में श्रद्धालुओं के लिए एक नए धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होगा। करीब 41 माह में निर्माण पूरा होने के बाद यह धाम काशी आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं (Varanasi) के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनने की उम्मीद है।

