• Web Story
  • होम
Hindi News,Breaking News, Latest News, Political News
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Hindi News,Breaking News, Latest News, Political News
No Result
View All Result
Home धर्म कर्म

भारत देश के अलग-अलग नाम और नामों से जुड़ा इतिहास

by Lucknow Tutorial Team
May 20, 2023
in धर्म कर्म
0
भारत देश के अलग-अलग नाम और नामों से जुड़ा इतिहास
0
SHARES
8
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारत वह भूमि हैं जहाँ सनातन संस्कृति फली फूली हैं तथा लाखों वर्षों तक मानव जाति व विश्व का कल्याण किया है। इसी सनातन संस्कृति ने मनुष्य को जीवन जीने के उच्च मूल्यों से अवगत करवाया तथा एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। संपूर्ण भारत भूमि पर कभी भी एक राजा या व्यक्ति का शासन नही रहा तथा यह विभिन्न जनपदों में बंटी थी जिस पर अलग-अलग राजा हुए तथा सबसे शक्तिशाली राजा को भारत का मुख्य राजा कहा जाता था ।
इस भारत भूमि ने संपूर्ण विश्व को अपना परिवार समझा तथा सभी की भलाई को ही अपना उद्देश्य बताया लेकिन समय के कुचक्र के साथ-साथ कई लोगों के द्वारा विश्व के अन्य हिस्सों में अलग धर्म बना दिए गए जिसमें शत्रुता का भाव ज्यादा था। इसी के फलस्वरुप उन्होंने मानव जाति के कल्याण में लगी धर्म की भूमि भारत पर कई आक्रमण किये तथा अपनी सुविधा के अनुसार कई नाम भी दिए। आज हम भारत के अपने नाम तथा दूसरों के दिए गए नामों के बारे में जानेंगे।

भारत देश के विभिन्न नाम


भारत या भारतवर्ष
भारत का सबसे प्राचीन तथा मुख्य नाम भारत माना जाता हैं जिसका उल्लेख कई पुराणों, ग्रंथों तथा महाकाव्यों में उल्लेखित हैं। इसे भारत देश, भारतवर्ष, भारत गणराज्य, भारत महाद्वीप इत्यादि कई नामों की संज्ञा दी गयी है। भारत नाम पड़ने के ऊपर अलग-अलग पुराणों में विभिन्न बातें लिखी हुई हैं लेकिन मुख्यतया सभी में इसे महाराज ऋषभराज के पुत्र भरत के नाम पर रखा नाम मानते है। इसके अलावा इसे महाभारत काल के समय के अनुसार महाराज दुष्यंत के पुत्र भरत के नाम पर रखना भी मानते हैं लेकिन यह कथा बहुत बाद की है।

आर्यवर्त
मुख्यतया त्रेतायुग या भगवान राम के समय भारत की भूमि को आर्यवर्त के नाम से जाना जाता था। इसका उल्लेख कई बार वाल्मीकि रचित रामायण में किया गया हैं। आर्य का अर्थ हुआ जो आर्यों की भूमि हैं। आर्यवर्त को मुख्यतया उत्तर भारत के नाम की संज्ञा दी गयी थी।

मेलुहा/ मलुहा/ मालवा
यह अधिकारिक नाम कभी नही था तथा मिस्र देश की पास की धरती को इस नाम से जाना जाता था। मुख्यतया इसमें गुजरात, राजस्थान तथा उसके आसपास की भूमि आती थी। प्राचीन कथाओं में कई बार भारत की भूमि को चीन, अफ्रीका इत्यादि देशों से आने वाले लोगों ने यह नाम दिया।

हिंद/ हिंदुस्तान
यह नाम हमें विदेशियों मुख्यतया फारसियों के द्वारा दिया गया। भारत की मुख्य पहचान सिंधु नदी थी तथा उसके उस पार की धरती को सिंध कहा जाता था। फारसी लोग जब भारत में आये तब उन्होंने सिंध की बजाये हिंद नाम दिया तथा यहाँ रहने वाले लोगों को हिंदू कहा जाने लगा। साथ ही इस भूमि का हिंदुस्तान नाम अफगान मुग़ल शासकों के समय ज्यादा प्रचलन में आ गया।

इंडिया
यह नाम हमें अंग्रेजों के द्वारा मिला जिनका इस भूमि पर लगभग दो सौ वर्षों तक राज रहा। वे भारत को इंडस वैली के नाम से पहचानते थे तथा यहाँ रहने वाले लोगों को इंडियन कहते थे। इसलिये उन्होंने इस देश का नाम इंडिया रख दिया।

जब भारत देश को सभी प्रकार की अधीनता से स्वतंत्रता मिली तथा यहाँ लोकतंत्र आया तब जवाहर लाल नेहरु के नेतृत्व में भारत सरकार ने हमारे सविंधान के भाग एक में देश के नाम की व्याख्या की जिसमे हिंदी में देश का नाम भारत तथा अंग्रेजी में रिपब्लिक ऑफ इंडिया दिया गया । यह इतिहास की एक बहुत बड़ी भूल थी कि स्वतंत्रता के बाद देश का अंग्रेजी भाषा में भारत नाम न चुनकर ऐसा नाम चुना गया जो हमारी अधीनता की पहचान था।

Anupama Dubey

Related Posts:

  • India
    India : जानिए भारत का नाम "भारत" कैसे पड़ा और कैसी…
  • main-qimg-30467d534395d27f00535e6ab70f00d1-lq123
    समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों के नाम के नाम तथा…
  • Indian Police
    Police: भारतीय पुलिस के इतिहास के अनछुए पन्ने, पढ़िए…
  • रामायण-राजा-जनक-का-जीवन-परिचय
    रामायण के राजा जनक का संपूर्ण जीवन परिचय
  • devika-rani
    First Lady of Indian Cinema (Devika Rani): घरवालों…
  • main-qimg-fc78d099c36f6c923254cb1dca357cee123456789
    धर्म तथा अधर्म की परिभाषा
Tags: भारत के नामों से जुड़ा इतिहास
Previous Post

डेली मॉर्निंग वर्कआउट से पहले रोज सुबह खाएं भीगे चने, आपकी सेहत को मिलेंगे अचूक फायदे

Next Post

गणेश चतुर्थी का पर्व मुख्य रूप से आखिर महाराष्ट्र मेंही क्यों मनाया जाता हैं?

Next Post
Ganesh

गणेश चतुर्थी का पर्व मुख्य रूप से आखिर महाराष्ट्र मेंही क्यों मनाया जाता हैं?

Recent Posts

  • IPS Anurag Arya: वह आईपीएस जिसने मुख़्तार को घुटने टेकने पर किया मजबूर, मिट्टी में मिला दी माफिया की सल्तनत
  • लखनऊ नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया गया
  • जानें कैसे बनाएं इंस्टेंट लहसुन की चटनी या डिप
  • Pratima Sinha: कहानीकार, नाटककार प्रतिमा सिन्हा का बनारस से मुंबई तक का सफरनामा, दो बड़ी फिल्मों में बतौर लेखिका जुड़ीं
  • BJP Varanasi President: भाजपा कार्यकर्ताओं ने की जिलाध्यक्ष के शतायु होने की कामना, 8 वर्ष का कार्यकाल बीजेपी के लिए शानदार
  • Kashi Vishwanath Dham Tourist Update: सावन में 63 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा दरबार में लगाई हाजिरी, एक करोड़ छूने को बेताब आंकड़े
  • Eye Flu: ‘आई फ्लू’ अथवा ‘कंजक्टिवाइटिस’ से बचने के लिए सतर्कता ज़रूरी, ऐसे करें बचाव
  • पांच दिवसीय ट्रेनिंग-कम-एक्सपोज़र विजिट पर सूरत एवं अहमदाबाद पहुंचे उत्तर प्रदेश के महापौर और नगर आयुक्त
  • WFI Election: वाराणसी के संजय ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष के लिए दाखिल किया नामांकन, विरासत में मिली है पहलवानी
  • लखनऊ बीबीएयू में हुआ निबंध व आशु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

Categories

About Us

Jansandesh Times

Category

  • अजब गजब
  • अपराध
  • अयोध्या
  • आजमगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एंटरटेनमेंट
  • ऑटोमोबाइल
  • कानपुर
  • खान-पान
  • खेल
  • गाजीपुर
  • गोरखपुर
  • चंदौली
  • जौनपुर
  • टीवी
  • टेक्नोलॉजी
  • टॉलीवुड
  • ट्रैवेल
  • दिल्ली
  • देश-विदेश
  • धर्म कर्म
  • प्रयागराज
  • फैशन
  • फ़ोटो गैलरी
  • बलिया
  • बिज़नेस
  • बॉलीवुड
  • भदोही
  • भोजपुरी
  • मऊ
  • मिर्जापुर
  • मूवी रिव्यु
  • राजनीति
  • राज्य
  • लखनऊ
  • लाइफस्टाइल
  • वाराणसी
  • वेब सीरीज
  • साइंस
  • सोनभद्र
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • हेल्थ
  • हॉलीवुड

Recent Posts

  • IPS Anurag Arya: वह आईपीएस जिसने मुख़्तार को घुटने टेकने पर किया मजबूर, मिट्टी में मिला दी माफिया की सल्तनत
  • लखनऊ नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया गया
  • जानें कैसे बनाएं इंस्टेंट लहसुन की चटनी या डिप
  • Pratima Sinha: कहानीकार, नाटककार प्रतिमा सिन्हा का बनारस से मुंबई तक का सफरनामा, दो बड़ी फिल्मों में बतौर लेखिका जुड़ीं
  • BJP Varanasi President: भाजपा कार्यकर्ताओं ने की जिलाध्यक्ष के शतायु होने की कामना, 8 वर्ष का कार्यकाल बीजेपी के लिए शानदार
  • Web Story
  • होम

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Web Story
  • होम

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.