Varanasi: जनसुविधाओं को बेहतर बनाने और क्षेत्र के विकास को गति देने के उद्देश्य से शुरू किया गया कैथी-मार्कण्डेय महादेव सड़क चौड़ीकरण परियोजना अब लोगों के लिए परेशानी और नाराजगी का कारण बनती जा रही है। जिस सड़क निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर एक वर्ष में पूरा होना था, वह लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य की धीमी गति और लंबे समय से बंद पड़े काम ने स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और व्यापारियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।
वर्तमान स्थिति यह है कि सड़क कई स्थानों पर गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। कहीं अधूरी खुदाई है तो कहीं निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। सड़क के किनारे बनाई जा रही नालियां भी अधूरी छोड़ दी गई हैं, जिससे बारिश के दौरान जलभराव (Varanasi) की समस्या और गंभीर हो जाती है। धूल, कीचड़ और अव्यवस्थित यातायात के कारण राहगीरों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण
यह मार्ग केवल एक सामान्य सड़क नहीं है, बल्कि धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और श्रद्धालु इस रास्ते से आवागमन करते हैं। बाबा मार्कण्डेय महादेव मंदिर और गंगा-गोमती संगम (Varanasi) तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मुख्य मार्ग है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं, जबकि वाहन चालकों को भी दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
महीनों से कार्य पूरी तरह बंद
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण कार्य शुरू होने के बाद कुछ समय तक काम चला, लेकिन बाद में इसकी गति इतनी धीमी हो गई कि अब महीनों से कार्य पूरी तरह बंद नजर आ रहा है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य (Varanasi) की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। डिवाइडर निर्माण, नालियों की डिजाइन और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी स्थिति को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
सावन में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं बाबा मार्कण्डेय महादेव
सबसे बड़ी चिंता यह है कि सावन का पवित्र महीना अब नजदीक है। हर वर्ष सावन में लाखों श्रद्धालु बाबा मार्कण्डेय महादेव (Varanasi) के दर्शन और जलाभिषेक के लिए यहां पहुंचते हैं । इसके अलावा गंगा-गोमती संगम क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे समय में अधूरी सड़क, गड्ढे और अव्यवस्थित यातायात श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया तो सावन के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
Varanasi: विकास कार्यों की कार्यशैली और निगरानी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकार द्वारा विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र तक जाने वाली सड़क की यह स्थिति विकास कार्यों की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
जनता की मांग- परियोजना को प्राथमिकता कराया जाए शुरू
जनता की मांग है कि कैथी-मार्कण्डेय महादेव सड़क चौड़ीकरण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल शुरू कराया जाए। साथ ही निर्माण कार्य (Varanasi) की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए, परियोजना में हुई देरी के कारणों को सार्वजनिक किया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
आखिर करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क कब पूरी होगी? और कब तक जनता अधूरे निर्माण, धूल, गड्ढों और दुर्घटनाओं के बीच सफर करने को मजबूर रहेगी?




