Varanasi पुनः एक नए एतिहासिक क्षण का गवाह बनने जा रहा है लेकिन इस बार कोई त्यौहार या फिर उत्सव के रूप में नहीं बल्कि इस बार शहर में एक ऐसा शो होने को है, जो सभी काशीवासियों के अंदर उत्साह और देशप्रेम के प्रति जोश भर देगा. इस वर्ष अक्टूबर में काशी भारतीय वायु सेना के भव्य एयर शो की साक्षी बनने जा रही है। काशी के इतिहास में पहली बार ऐसा आयोजन हो जा रहा है और इसे देश के सबसे बड़े एयर शो में शामिल माना जा रहा है। इस एयर शो को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, भारतीय वायु सेना, सेना के अधिकारियों और अन्य विभागों के बीच लगातार बैठक की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इसमें जरा भी चुक ना हो।
बता दें कि तमाम बैठकों के बाद एयर शो (Varanasi) की विस्तृत रूपरेखा, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, आपातकालीन सेवाओं और दर्शकों की सुविधाओं को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी की जा चुकी है। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां और तैयारियों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की।
बात अगर प्रस्तावित कार्यक्रम की करें तो उसके अनुसार, भारतीय वायु सेना का एयर शो 23 से 25 अक्टूबर तक नमो घाट से अस्सी घाट (Varanasi) के बीच गंगा तट के ऊपर आयोजित किया जाएगा। प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2:30 बजे तक करीब ढाई घंटे तक आसमान में लड़ाकू विमान अपनी रोमांचक हवाई कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। दर्शक गंगा घाटों की सीढ़ियों और रेती पर बैठकर इस अद्भुत नजारे का आनंद ले सकेंगे।
Varanasi: 20 अक्टूबर से शुरू होगा अभ्यास
एयर शो (Varanasi) से पहले भारतीय वायु सेना के फाइटर जेट्स 20 अक्टूबर से वाराणसी के आसमान में अभ्यास शुरू करेंगे। यह अभ्यास दो दिनों तक चलेगा, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या न आए। कुछ दिन पूर्व भी वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने वाराणसी के ऊपर उड़ान भरकर संभावित रूट और परिस्थितियों का जायजा लिया था।
अधिकारियों के अनुसार एयर शो के समापन दिवस 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री एवं वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि उनके दौरे को लेकर अंतिम निर्णय सुरक्षा एजेंसियों और प्रधानमंत्री कार्यालय की स्वीकृति के बाद होगा।
20 लाख से अधिक दर्शकों के पहुंचने का अनुमान
प्रशासन का अनुमान है कि तीन दिनों के इस आयोजन में 20 लाख से अधिक लोग एयर शो देखने के लिए वाराणसी (Varanasi) पहुंच सकते हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग, चिकित्सा सुविधाओं, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, जल पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की व्यापक योजना तैयार की जा रही है।
गंगा घाटों पर बैठने की व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रवेश और निकास मार्ग, वीआईपी एवं आम दर्शकों के लिए अलग-अलग व्यवस्था, नावों के संचालन और नदी क्षेत्र की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
एयर शो के आयोजन से वाराणसी के पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, नाव संचालकों, हस्तशिल्प, परिवहन और अन्य व्यवसायों में अच्छी आमदनी होने की संभावना है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद के चलते पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है।
भारतीय वायु सेना के इस ऐतिहासिक एयर शो को लेकर काशी में उत्साह का माहौल है। प्रशासन का लक्ष्य इसे सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार आयोजन के रूप में स्थापित करना है, ताकि गंगा तट (Varanasi) पर पहली बार होने वाला यह आयोजन देशभर में वाराणसी की नई पहचान बने।

