Varanasi: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 95वीं बटालियन द्वारा वाराणसी के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थल सारनाथ में भव्य योग अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जवानों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना तथा आमजन को योग के प्रति जागरूक करना था।

यह आयोजन (Varanasi) 95वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर के नेतृत्व और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के मुख्य योग प्रशिक्षक शैलेश बर्नवाल ने उपस्थित जवानों, अधिकारियों और नागरिकों को योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया तथा उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी।
कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत कराया गया अभ्यास
सुबह आयोजित योग सत्र में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासन और प्राणायाम कराए गए। प्रतिभागियों ने कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम के साथ ताड़ासन, वृक्षासन, वज्रासन और शवासन (Varanasi) का अभ्यास किया। इसके अलावा मानसिक शांति, एकाग्रता और तनाव मुक्ति के लिए ध्यान (मेडिटेशन) भी कराया गया।

तनावपूर्ण परिस्थितियों में योग है संबल
इस अवसर पर कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर ने कहा कि सीआरपीएफ के जवान अत्यंत चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं। ऐसे में योग उनके शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ मानसिक तनाव कम करने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा कि सारनाथ जैसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक भूमि पर योगाभ्यास करना सभी प्रतिभागियों के लिए एक विशेष और प्रेरणादायक अनुभव रहा।
अधिकारियों, जवानों और नागरिकों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में द्वितीय कमान अधिकारी राजेश कुमार, उप-कमांडेंट नवनीत कुमार, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी रवि प्रकाश तथा सहायक कमांडेंट रंजन सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा इंस्पेक्टर प्रिंस, कमलेश, विवेक, प्रवीण, योगेंद्र और सूबेदार समेत बड़ी संख्या में जवानों एवं उनके परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सारनाथ के स्थानीय नागरिक और पर्यटक भी इस सामूहिक योगाभ्यास का हिस्सा बने।
“वसुधैव कुटुंबकम के लिए योग” का दिया संदेश
कार्यक्रम (Varanasi) के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने दैनिक जीवन में योग को नियमित रूप से अपनाने और “वसुधैव कुटुंबकम के लिए योग” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
सीआरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और सामाजिक समरसता का प्रभावी माध्यम है, जिसे हर व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

